ग्रहों के उच्च और नीच अंश (Degrees of Exalted-Debilitated Planet)
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- On November 20, 2020
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ग्रहों के उच्च और नीच अंश (Degrees of Exalted-Debilitated Planet)
हमारा विषय है : Degrees of Exalted-Debilitated Planet - ग्रहों के उच्च और नीच अंश :- ग्रहों का विश्लेषण करते हुए उनके बलाबल का विचार भी बहुत महत्वपूर्ण हैं इसलिए प्रत्येक ग्रह किस राशि में कितने अंश पर उच्च का होता हैं किस राशि में कितने अंश पर नीच का माना जाता हैं इसका ज्ञान होना बहुत जरुरी हैं। प्रत्येक राशि में ३० अंश होते हैं। सबसे पहले हम प्रत्येक ग्रह की उच्च , नीच ,मूलत्रिकोण और स्वराशि के बारे में जान लेते हैं जिसका नीचे विवरण दिया गया हैं :-
ग्रह -------------------सूर्य--------------चन्द्रमा--------मंगल------------बुध
उच्च राशि-----------मेष--------------वृष------------मकर------------कन्या
नीच राशि-------------तुला-------------वृश्चिक--------कर्क-------------मीन
मूल त्रिकोण राशि----सिंह-------------वृष------------मेष--------------कन्या
परमोच्च अंश---------10---------------3--------------28---------------15
परम नीच अंश-------10---------------3--------------28---------------15
मूल त्रिकोण अंश-----0 से 20--------4 से 30-------0 से 12--------16 से 20
ग्रह ---------------------बृहस्पति----------शुक्र----------शनि
उच्च राशि-------------कर्क---------------मीन----------तुला
नीच राशि--------------मकर-------------कन्या---------मेष
मूल त्रिकोण राशि-----धनु----------------तुला----------कुम्भ
परमोच्च अंश------------5------------------27-----------20
परम नीच अंश----------5------------------27-----------20
मूल त्रिकोण अंश--------0 से 10----------0 से 5-------0 से 20
विशेष : प्रत्येक ग्रह की मूल त्रिकोण राशि के जो अंश दिए गए हैं उसके बाद बचे हुए अंशों में स्वराशि कहलाती हैं। चन्द्रमा कर्क राशि में स्वग्रही होता हैं। राहु मिथुन राशि में उच्च का और धनु राशि में नीच का माना जाता हैं , जबकि केतु धनु राशि में उच्च तथा मिथुन में नीच का माना गया हैं ।हमने ऊपर कि तालिका से ग्रहों के अंश जान लिए जो कि सटीक फलादेश में सहायक होता है हमारे विषय : Degrees of Exalted-Debilitated Planet - ग्रहों के उच्च और नीच अंश के बाद अगली पोस्ट में जानिए राशियों के स्वभाव और लक्षण जो कि फलादेश करने में बहुत ही सहायक होती है।