बृहस्पति आठवें घर में (Jupiter in Eighth House)

बृहस्पति आठवें घर में (Jupiter in Eighth House)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली के आठवें घर से स्त्री का सौभाग्य , मानसिक बीमारी , आयु, मृत्यु, गुप्त ज्ञान , क्लेश , बदनामी, खनन , पत्नी का धन, ससुराल, दुर्घटना , गुदा , गुप्त विद्या आदि का विचार किया जाता है। चूँकि ये घर मृत्यु का घर है ,धरती के नीचे जो दफ़न है उन चीजों पर इसका अधिकार है। इसके अलावा जादू टोना तंत्र मन्त्र और ज्योतिष जैसे गूढ़ विषयों का भी कारक है। आठवें घर का शनि व्यक्ति की आयु बढ़ा देता है। वहीं गुरु बृहस्पति को सेनापति भी कहा जाता है ,ये एक राशि में लगभग 13 महीने रहता है | ये धनु और मीन राशियों का स्वामी होता है। बृहस्पति को कर्क राशि में उच्च तथा मकर राशि में नीच माना गया है | गुरु बृहस्पति से ज्योतिष, पति सुख, खजाना, धर्मशास्त्र, धन, ज्ञान ,आचार्य, अच्छा आचरण का विचार किया जाता है इसके अलावा यज्ञ,बड़ा भाई, राज्य से मान सम्मान,तपस्या, आध्यात्मिकता, श्रद्धा और विद्या इत्यादि का विचार भी बृहस्पति से किया जाता है | बृहस्पति आकाश तत्व और ईशान दिशा का स्वामी है | मोटापा , चर्बी , पेट और पाचन क्रिया पर इसका अधिपत्य है | गुरु कफकारक है | बुध और बृहस्पति दोनों ग्रहों से बुद्धि देखी जाती है फर्क इतना है बुध से किसी बात को जल्दी समझ लेना होता है जबकि बृहस्पति से विचार और चिंतन देखा जाता है |

कुंडली के आठवें घर में बलवान बृहस्पति व्यक्ति को अध्यात्म की तरफ ले जा सकता है उसकी गूढ़ विषयों में रूचि हो सकती है। ऐसा व्यक्ति तंत्र के सात्विक रूप को मानने वाला हो सकता है। दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो तो व्यक्ति की आयु लम्बी हो सकती है। ऐसा व्यक्ति देश के बाहर जाकर प्रसिद्धि पा सकता है। विदेशों में उसके हुनर की तारीफ हो सकती है। विदेशी दूतावास में नौकरी हो सकती है। दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो तो कुशल डिप्लोमेट बना सकता है। आर्थिक मामलों में शुरुवाती झटकों के बाद अच्छी स्थिति बन सकती है। भूमि मकान और अच्छे वाहन का मालिक हो सकता है। शेयर मार्किट और भूमि के नीचे पैदा होने वाली चीजों से फायदा मिल सकता है। किसी फाइनेंस या लोन देने वाले इंस्टीटूशन से जुड़े हो सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है कि कोई भी बड़ा कर्ज सोच विचार के बाद ही लें।

कुंडली के आठवें घर में कमजोर बृहस्पति व्यक्ति को कई बीमारियों से ग्रसित कर सकता है। कफ, डायबिटीज, यौन रोग या मानसिक रोग से परेशान हो सकता है। इम्युनिटी कमजोर हो सकती है ,व्यक्ति मोटापे का शिकार हो सकता है। आँखों से सम्बंधित कोई परेशानी हो सकती है। व्यक्ति को कर्जदार बना सकता है। व्यक्ति की आयु कम हो सकती है। कुटुंब या परिवार से दूरी हो सकती है। शेयर मार्किट या जुए से धन बर्बाद हो सकता है। जमीन जायदाद में बिना सोचे समझे किये गए निवेश से नुक्सान हो सकता है या वाहन से नुक्सान हो सकता है। बृहस्पति ग्रह के पॉजिटिव रिजल्ट्स तभी मिलते हैं जब कुंडली में दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बृहस्पति ग्रह के नेगेटिव रिजल्ट्स भी तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। बृहस्पति ग्रह से जुड़ी मानसिक क्रियाओं और उपायों से इसके नेगेटिव इफेक्ट्स को कम किया जा सकता है।

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