बृहस्पति ग्यारहवें घर में (Jupiter in Eleventh House)

बृहस्पति ग्यारहवें घर में (Jupiter in Eleventh House)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली के ग्यारहवें घर से आमदनी, धन ऐश्वर्या , बड़ा भाई बहन, शुभ समाचार का विचार किया जाता है | ये घर हमारी आशाओं, आकांक्षाओं , इच्छाओं का घर है। इस भाव से आय के साधन का विचार किया जाता है | वहीं गुरु बृहस्पति से ज्योतिष, पति सुख, खजाना, धर्मशास्त्र, धन, ज्ञान ,आचार्य, अच्छा आचरण का विचार किया जाता है इसके अलावा यज्ञ,बड़ा भाई, राज्य से मान सम्मान,तपस्या, आध्यात्मिकता, श्रद्धा और विद्या इत्यादि का विचार भी बृहस्पति से किया जाता है | बृहस्पति आकाश तत्व और ईशान दिशा का स्वामी है | मोटापा , चर्बी , पेट और पाचन क्रिया पर इसका अधिपत्य है | गुरु कफकारक है | बुध और बृहस्पति दोनों ग्रहों से बुद्धि देखी जाती है फर्क इतना है बुध से किसी बात को जल्दी समझ लेना होता है जबकि बृहस्पति से विचार और चिंतन देखा जाता है |

कुंडली के ग्यारहवें घर में बैठे बलवान बृहस्पति के कारण व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली और धनवान बन सकता है। बृहस्पति के लिए ये सबसे अच्छी स्थिति कही जा सकती है। ऐसे व्यक्ति स्वतंत्र रूप से काम करने वाले हो सकते हैं या बहुत अच्छे सलाहकार हो सकते हैं। ऐसे लोगों का सोशल नेटवर्क बहुत बड़ा हो सकता है। बृहस्पति ग्रह भी विस्तार करना पसंद करता है इसलिए ऐसा व्यक्ति जिस क्षेत्र में हो वहां अपना विस्तार जरूर करता है। ज्ञान , धर्म या दर्शन के क्षेत्र से जुड़ा है तो अपने फॉलोवर्स की संख्या बढ़ा सकता है। उसके बहुत सारे अनुयायी हो सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में है तो स्टूडेंट्स के बीच बहुत फेमस हो सकता है। राजनीति के क्षेत्र से जुड़ा है तो जनता उसकी तरफ आकर्षित हो सकती है। उसकी पॉपुलैरिटी बढ़ सकती है। किसी कला के क्षेत्र से जुड़ा है तो लोगों के बीच एक क्रेज बन सकता है। समाजसेवा में लगे हुए लोगों के लिए ऑक्सीजन का काम कर सकता है। किसी संगठन के काम में लगा हो तो उसको बहुत बड़ा विस्तार दे सकता है। फाइनेंस , बैंकिंग या ब्याज के किसी भी तरह के काम या कारोबार से जुड़ा है तो उसमे एक नयी ऊंचाई दे सकता है। प्रकाशन या मीडिया घराने से या कारोबार से जुड़ा है तो उसको विस्तार दे सकता है। दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो तो मनोरंजन जगत में भी सफलता पा सकता है। साझेदारी में भी सफलता मिल सकती है। आपको सलाह दी जाती है कि दूसरे लोगों की भावनाओं का सम्मान करें, अपने अधिकारों का दुरूपयोग न करें और अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।

कुंडली के ग्यारहवें घर में बैठे कमजोर बृहस्पति के कारण व्यक्ति का पारिवारिक जीवन समस्याओं से भरा हो सकता है। साझेदारी में भारी नुक्सान उठाना पड़ सकता है। व्यर्थ की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। धर्म में ज्ञान में रूचि कम हो सकती है। लोगों से मेलजोल कम हो सकता है। भाई बहनों से विवाद बना रह सकता है। आय के साधनों में कमी आ सकती है। दूसरे ग्रहों का साथ भी मिल रहा हो तब भी उसको वो परिणाम नहीं मिल पाते जिसका वो हकदार समझता है। पेट या गले के रोगों से परेशानी हो सकती है। मोटापे का शिकार हो सकते हैं या डायबिटीज या शरीर में किसी तरह की गांठ हो सकती है। सांस फूलने या कफ से सम्बंधित कोई समस्या हो सकती है। संतान की चिंता हो सकती है या उनके कारण किसी तरह की परेशानी में हो सकते हैं। ग्रह कोई भी हो वो किस राशि में बैठा है, कितने अंश पर है, उस पर किस ग्रह की दृष्टि है , किन ग्रहों के साथ युति है आदि और भी बहुत से ऑस्पेक्ट होते हैं जिनके आधार पर कुंडली का विश्लेषण किया जाता है। अकेले किसी भी ग्रह के आधार पर अंतिम परिणाम पर नहीं पहुंचना चाहिए।गुरु बृहस्पति के शुभ फल तभी मिलते हैं जब कुंडली में दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बृहस्पति के अशुभ फल भी तभी मिलते हैं जब कुंडली में दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। बृहस्पति ग्रह से सम्बंधित मानसिक क्रियाओं और उपायों से इसके बुरे परिणामों को कम किया जा सकता है।

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