बृहस्पति तीसरे घर में (Jupiter In Third House)

बृहस्पति तीसरे घर में (Jupiter In Third House)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में तीसरे घर से हिम्मत, वीरता ,वाणी का व्यय , मीडिया , पब्लिक नेटवर्किंग , नौकर-चाकर , भाई बहिन आदि का विचार किया जाता है | ज्योतिष में 3,6,11 घरों को दुश्चिक्य भाव भी कहा जाता है | इसके अलावा छोटी दूरी की यात्रा और लेखन का विचार भी तीसरे घर से किया जाता है। वहीं गुरु बृहस्पति को सेनापति भी कहा जाता है ,ये एक राशि में लगभग 13 महीने रहता है | बृहस्पति आकाश तत्व और ईशान दिशा का स्वामी है | मोटापा , चर्बी , पेट और पाचन क्रिया पर इसका अधिपत्य है | गुरु कफकारक है | बुध और बृहस्पति दोनों ग्रहों से बुद्धि देखी जाती है फर्क इतना है बुध से किसी बात को जल्दी समझ लेना होता है जबकि बृहस्पति से विचार और चिंतन देखा जाता है | वहीं गुरु बृहस्पति से ज्योतिष, पति सुख, खजाना, धर्मशास्त्र, धन, ज्ञान ,आचार्य, अच्छा आचरण का विचार किया जाता है इसके अलावा यज्ञ,बड़ा भाई, राज्य से मान सम्मान,तपस्या, आध्यात्मिकता, श्रद्धा और विद्या इत्यादि का विचार भी बृहस्पति से किया जाता है | ये धनु और मीन राशियों का स्वामी होता है। बृहस्पति को कर्क राशि में उच्च तथा मकर राशि में नीच माना गया है |

कुंडली के तीसरे घर में बैठे बलवान बृहस्पति के कारण व्यक्ति को चिंतनशील बना सकता है उसकी लेखन क्षमता कमाल की हो सकती है। ऐसे व्यक्ति गूढ़ विषयों और दर्शन में रूचि ले सकते हैं। ऐसे व्यक्ति अपने भाई बहनों का ख़ास ख्याल रखने वाले होते हैं। अपने आकर्षक व्यक्तित्व और अद्भुत भाषण कला या लेखन कला के कारण लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने में सफल रहते हैं। ऐसे लोगों को अपने जीवनसाथी से पूरा सहयोग मिलता है। अक्सर देखा गया है कि ऐसे लोगों कि संतान भी इनसे बहुत प्रभावित रह सकती हैं और इनके पेशे या , व्यवसाय या करियर को ही आगे बढ़ा सकती हैं। ऐसे लोगों की धर्म या अध्यात्म में रूचि हो सकती है खासकर बृहस्पति की दशा में तो निश्चित ही देखा गया है कि इनका रुझान धर्म या अध्यात्म कि तरफ हो जाता है। कुंडली के तीसरे घर में बैठे बलवान बृहस्पति के कारण आय के स्रोत एक से ज्यादा भी हो सकते हैं। मीडिया या लेखन से अपना नाम कमा सकते हैं। सेना, अर्धसैनिक बल या पुलिस बल में उच्च पद पर पहुंच सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है कि आपको जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए , अच्छी प्लानिंग के साथ आगे बढ़ना चाहिए और अपने व्यवहार में नैतिकता को बनाये रखना चाहिए ।

कुंडली के तीसरे घर में बैठे कमजोर बृहस्पति की चर्चा करें तो ऐसे लोग निराशावादी हो सकते हैं। भाई बहनों से रिश्ते खराब हो सकते हैं। लोगों से मिलने जुलने में रूचि बहुत कम हो सकती है। अहंकारी स्वभाव के चलते अपने चारों तरफ एक नकली धारणा का आवरण बनाकर एक क्षेत्र विशेष के लोगों पर अपना रौब झाड़ सकते हैं।किसी पाखंड में शामिल हो सकते हैं।अपने अधूरे ज्ञान का झूठा बखान कर सकते हैं। अपनी संतान और जीवनसाथी से अनबन बनी रह सकती है। आय के साधनों की कमी हो सकती है। कुंडली में बृहस्पति ग्रह के पॉजिटिव रिजल्ट्स तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बृहस्पति के नेगेटिव रिजल्ट्स भी तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि गुरु किस राशि में बैठा है उसके ऊपर किन ग्रहों कि दृष्टि है या उसकी किन ग्रहों के साथ युति है , मित्रता है ,शत्रुता है, कितने अंश पर है आदि बहुत सारे आस्पेक्ट होते हैं उसके बाद ही किसी अंतिम परिणाम पर पंहुचा जा सकता है उसके लिए पूरी कुंडली का विश्लेषण जरुरी है। गुरु बृहस्पति से जुडी मानसिक क्रियाओं और उपायों से इसके नेगेटिव इफेक्ट्स को कम किया जा सकता है।

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