बृहस्पति दूसरे घर में (Jupiter In Second House)

बृहस्पति दूसरे घर में (Jupiter In Second House)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में दूसरे घर से कुटुंब, धन, चेहरा ,पैतृक संपत्ति, अचल संपत्ति, दाहिनी आँख, वाणी (बोलने की शक्ति) , फिक्स्ड एसेट्स, खाना पीना आदि का विचार किया जाता है | कुटुंब और परिवार का प्रतिनिधित्व करने के कारण दूसरे घर से गृहस्थ जीवन के बारे में भी जानकारी मिल सकती है और परिवार के लोगों के साथ संबंधों को भी देखा जा सकता है।दूसरे घर से पारिवारिक व्यवसाय के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। इसके अलावा इसे मारक भाव भी कहा जाता है इसलिए दूसरे घर के स्वामी को मारकेश कहा जाता है | लेकिन ध्यान रखना चाहिए इसे धन भाव भी कहा जाता है | वहीं गुरु बृहस्पति से ज्योतिष, पति सुख, खजाना, धर्मशास्त्र, धन, ज्ञान ,आचार्य, अच्छा आचरण का विचार किया जाता है इसके अलावा यज्ञ,बड़ा भाई, राज्य से मान सम्मान,तपस्या, आध्यात्मिकता, श्रद्धा और विद्या इत्यादि का विचार भी बृहस्पति से किया जाता है | ये धनु और मीन राशियों का स्वामी होता है। बृहस्पति को कर्क राशि में उच्च तथा मकर राशि में नीच माना गया है |

गुरु बृहस्पति को सेनापति भी कहा जाता है ,ये एक राशि में लगभग 13 महीने रहता है | बृहस्पति आकाश तत्व और ईशान दिशा का स्वामी है | मोटापा , चर्बी , पेट और पाचन क्रिया पर इसका अधिपत्य है | गुरु कफकारक है | बुध और बृहस्पति दोनों ग्रहों से बुद्धि देखी जाती है फर्क इतना है बुध से किसी बात को जल्दी समझ लेना होता है जबकि बृहस्पति से विचार और चिंतन देखा जाता है |

कुंडली के दूसरे घर में बैठा बलवान बृहस्पति व्यक्ति को बहुत बड़ा कारोबारी बना सकता है। अक्सर देखने में आया है कि ऐसे लोग बहुत ही अच्छी व्यावसायिक बुद्धि के कारण अपने पारिवारिक व्यापार को बढ़ाने का काम करते हैं या उसको नयी दिशा देकर अपना नाम तथा धन कमाते हैं। अगर ज्योतिष के नियमों को देखें तो धन भाव में बृहस्पति का बैठना ज्यादा ठीक नहीं है । लेकिन अनुभव में अक्सर देखने में आया है कि दूसरे घर का बलवान बृहस्पति व्यक्ति को भाषण कला में निपुण बना सकता है। शिक्षा और शिक्षण के क्षेत्र से जुड़े कामों से बहुत फायदा मिल सकता है। ऐसे व्यक्ति बहुत अच्छे मोटिवेशनल गुरु हो सकते हैं। दूसरे घर से पत्रिका या शुभ समाचार का भी विचार किया जाता है इसलिए ऐसे व्यक्ति अच्छे लेखक हो सकते हैं। दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो तो ऐसे व्यक्तियों को ससुराल पक्ष से बहुत सहयोग मिल सकता है। ऐसे लोग शेयर मार्किट से भी अच्छा फायदा ले सकते हैं। ऐसे लोगों को ज्योतिष या गूढ़ विषयों में रूचि हो सकती है। ऐसे लोग इन विषयों के अच्छे जानकार हो सकते हैं। किसी धार्मिक विषय पर अच्छा बोल सकते हैं।

कुंडली के दूसरे घर में बैठे कमजोर बृहस्पति के नेगेटिव रिजल्ट्स की चर्चा करें तो ऐसे व्यक्ति बहुत अहंकारी हो सकते हैं। अपने विचारों के आगे किसी की नहीं सुनते। अपने से ज्यादा बुद्धिमान भी किसी को नहीं मानते। अपने अहंकार ,अपनी जिद्द और परसेप्शन के कारण अपने पारिवारिक व्यवसाय में घाटा कर सकते हैं या परिवार वालों के विपरीत जाकर कोई काम शुरू कर सकते हैं। जिसमे भारी नुक्सान हो सकता है। बिना सोचे समझे कोई बड़ा निवेश करने के लिए कर्जा ले सकते हैं जो बाद में परेशानी का कारण बन सकता है। अपनी गलतियों को छिपाने के लिए किसी को बलि का बकरा बना सकते हैं। अक्सर देखने में आया है कि यहां बैठा कमजोर बृहस्पति व्यक्ति को व्यापार में घाटा होने के बाद नौकरी करने पर मजबूर कर सकता है। परिवार और कुटम्ब के लोगों से वाद विवाद करने वाला या अपने परिवार के संस्कारों के विरुद्ध आचरण करने वाला हो सकता है। कफ आदि रोगों से पीड़ित हो सकता है। इसके अलावा अचानक वजन का बढ़ना, लिवर कि समस्या या कहीं गाँठ का बन जाना , डायबिटीज आदि रोगों से सामना हो सकता है। मानसिक चिंता का बने रहना और निराशा में चले जाना भी कमजोर बृहस्पति की पहचान हो सकती है।

कुंडली में बृहस्पति ग्रह के सकारात्मक परिणाम तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बृहस्पति के नकारात्मक परिणाम भी तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। गुरु बृहस्पति से जुडी मानसिक क्रियाओं और उपायों से इसके नेगेटिव इफेक्ट्स को कम किया जा सकता है।

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