बृहस्पति पांचवें घर में (Jupiter in Fifth House)

बृहस्पति पांचवें घर में (Jupiter in Fifth House)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली के पांचवें घर से आत्मा , मंत्री , टैक्स, श्रुति-स्मृति (ज्ञान) , विद्या , पेट, मनोरंजन, बच्चे, प्रारब्ध , क्रिएटिविटी, सट्टा व्यवसाय आदि का विचार किया जा सकता है | वहीं गुरु बृहस्पति से ज्योतिष, पति सुख, खजाना, धर्मशास्त्र, धन, ज्ञान ,आचार्य, अच्छा आचरण का विचार किया जाता है इसके अलावा यज्ञ,बड़ा भाई, राज्य से मान सम्मान,तपस्या, आध्यात्मिकता, श्रद्धा और विद्या इत्यादि का विचार भी बृहस्पति से किया जाता है | ये धनु और मीन राशियों का स्वामी और कर्क राशि में उच्च का माना गया है | गुरु बृहस्पति को सेनापति भी कहा जाता है ,ये एक राशि में लगभग 13 महीने रहता है | बृहस्पति आकाश तत्व और ईशान दिशा का स्वामी है | मोटापा , चर्बी , पेट और पाचन क्रिया पर इसका अधिपत्य है | गुरु कफकारक है | बुध और बृहस्पति दोनों ग्रहों से बुद्धि देखी जाती है फर्क इतना है बुध से किसी बात को जल्दी समझ लेना होता है जबकि बृहस्पति से विचार और चिंतन देखा जाता है |

कुंडली के पांचवें घर में बैठे बलवान बृहस्पति के कारण व्यक्ति बहुत भाग्यशाली होता है उसे धनवान बना सकता है। अक्सर देखने में आया है कि पांचवें घर में बैठा बृहस्पति रचनात्मक बुद्धि कौशल तो देता है लेकिन खुद कलाकार नहीं होता। विद्या के घर में बैठा ज्ञान का कारक गुरु बृहस्पति शिक्षा में रूकावट डाल सकता है या शिक्षा में देरी कर सकता है या अकादमिक शिक्षा का उपयोग नहीं हो पाता। ऐसे व्यक्ति अच्छे आर्थिक सलाहकार हो सकते हैं। स्टॉक एक्सचेंज से जुड़ा हो सकता है। हालाँकि संतान के लिए अच्छी स्थिति है। दरअसल पांचवां घर मनोरंजन और उससे जुड़े व्यवसाय का भी घर है और गुरु का स्वभाव ज्ञान और विद्या की तरफ ज्यादा होता है इसलिए ऐसे लोग कला के प्रदर्शन की बजाय उसके ज्ञान पक्ष जैसे लेखन, विश्लेषण, डायरेक्शन और रिसर्च में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। अपनी आवाज से धन कमा सकते हैं। ऐसे व्यक्ति आर्थिक विश्लेषक भी हो सकते हैं। अगर इनका रुझान गूढ़ विषयों की तरफ हो जाये तो ऐसे व्यक्ति धार्मिक मीमांसा में माहिर हो सकते हैं। किसी धार्मिक संगठन या धार्मिक स्थल के मुखिया हो सकते हैं। इनकी शिक्षा भी धर्म, दर्शन और उससे जुड़े विषयों में हो सकती है।


इनकी सोशल नेटवर्किंग बहुत कमाल की हो सकती है। दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो तो राजनीति में सफल हो सकते हैं, मंत्री बन सकते हैं । आपको सलाह दी जाती है कि अच्छी सफलता के लिए अपने शरीर पर मोटापा न आने दें। जरूरतमंद दूसरे बच्चों की शिक्षा पर भी खर्च करें ।

कुंडली के पांचवें घर में बैठा कमजोर बृहस्पति व्यक्ति की शिक्षा में बड़ी रूकावट डाल सकता है। संतान पक्ष की तरफ से भी परेशानी हो सकती है। सट्टा आदि लगाकर अपना बहुत बड़ा नुक्सान कर सकते हैं। अहंकार के कारण लोगों से मेल मिलाप में कमी आ सकती है।ऐसे लोग किसी धार्मिक संगठन से जुड़कर अपने गलत आचरण से बदनामी मोल ले सकते हैं या किसी पाखंड से जुड़े हो सकते हैं या गलत लोगों को आश्रय दे सकते हैं । अपमानित होना पड़ सकता है। शरीर मोटापे का शिकार हो सकता है। किसी पेट सम्बन्धी बीमारी से परेशान हो सकते हैं। अपने गुरुजनों का अपमान कर सकते हैं। अपने भाइयों से विरोध हो सकता है। गुरु बृहस्पति के अच्छे परिणाम तभी मिलते हैं जब कुंडली में दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बृहस्पति के बुरे नतीजे भी तभी मिलते हैं जब कुंडली में दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। अकेले बृहस्पति ग्रह के आधार पर अंतिम परिणाम पर नहीं पहुंचना चाहिए क्योंकि किसी भी ग्रह की स्थिति उसके घर,राशि,दृष्टि,बल और युति आदि पर निर्भर करती है , इसके लिए पूरी कुंडली का विश्लेषण जरुरी है।

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