बृहस्पति बारहवें घर में (Jupiter in Twelfth House)

बृहस्पति बारहवें घर में (Jupiter in Twelfth House)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली के बारहवें घर से पैर, बायां नेत्र, चुगलखोरी, सीक्रेट प्लान, हॉस्पिटल, एकांत, मोक्ष, एसाइलम ,शयन सुख, गुप्त सम्बन्ध, जेल आदि का विचार किया जाता है | इसके अलावा विदेश से सम्बन्ध , विदेश में रहना ,किसी तरह का नुक्सान होना और गुप्त प्रतिभा का विचार भी इस घर से किया जा सकता है। वहीं गुरु बृहस्पति से ज्योतिष, पति सुख, खजाना, धर्मशास्त्र, धन, ज्ञान ,आचार्य, अच्छा आचरण का विचार किया जाता है इसके अलावा यज्ञ,बड़ा भाई, राज्य से मान सम्मान,तपस्या, आध्यात्मिकता, श्रद्धा और विद्या इत्यादि का विचार भी बृहस्पति से किया जाता है | बृहस्पति आकाश तत्व और ईशान दिशा का स्वामी है | मोटापा , चर्बी , पेट और पाचन क्रिया पर इसका अधिपत्य है | गुरु कफकारक है | बुध और बृहस्पति दोनों ग्रहों से बुद्धि देखी जाती है फर्क इतना है बुध से किसी बात को जल्दी समझ लेना होता है जबकि बृहस्पति से विचार और चिंतन देखा जाता है |

कुंडली के बारहवें घर में बैठा बलवान बृहस्पति व्यक्ति को अध्यात्म की तरफ ले जा सकता है। ऐसा व्यक्ति एकांत में रहना पसंद कर सकता है। किसी धार्मिक संगठन या धार्मिक स्थल का मुखिया हो सकता है या किसी धार्मिक स्थल /संगठन की नीव रख सकता है। अपने ज्ञान और विचारों के प्रचार के लिए विदेशी भूमि का उपयोग कर सकता है। अक्सर देखा गया है कि ऐसे व्यक्ति भौतिक सुखों की परवाह नहीं करते या होते हुए भी ठुकरा सकते हैं या कह सकते हैं इनकी ज्यादा रूचि नहीं होती सब इनके फॉलोवर्स का होता है । ऐसे व्यक्ति दिल की बात सुनते हैं। दूसरे लोगों की नजरों में ऐसे व्यक्ति सपनो की दुनिया में खोये हुए लग सकते हैं। ये लोग पारिवारिक इकाई को बहुत महत्व नहीं देते इसलिए शादी जैसे बंधन में बंधना इनके लिए मुश्किल हो सकता है। दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो तो इनके फॉलोवर्स लाखों में हो सकते हैं जो विदेशों तक फैले हो सकते हैं। भूमि,वाहन और सभी सुख सुविधाओं से संपन्न ऐसे लोग भक्तों से घिरे रह सकते हैं। लेकिन ये सब तभी हो सकता है जब कुंडली में दूसरे ग्रहों का साथ भी ऐसी परिस्थिति का निर्माण कर रहे हों।

वरना व्यक्ति का अध्यात्म के प्रति सिर्फ झुकाव हो सकता है , रूचि हो सकती है। गूढ़ ज्ञान की खोज में उत्सुकता में लगा हो सकता है। ये तो बात हुई अगर कुंडली में दूसरे ग्रह आध्यात्मिक परिस्थिति का निर्माण कर रहे हों , लेकिन अगर सांसारिक और पारिवारिक व्यक्ति की कुंडली के बारहवें घर में बलवान बृहस्पति बैठा हो तो भी व्यक्ति गूढ़ ज्ञान की तरफ आकर्षित रहता है ऐसा व्यक्ति सरकारी नौकरी में हो सकता है, डिप्लोमेट हो सकता है ।जमीन जायदाद और सम्पति का मालिक हो सकता है। माँ से विशेष लगाव हो सकता है। दुश्मनों पर विजय दिलाता है। लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से ये स्थिति अच्छी नहीं मानी जा सकती।

कुंडली के बारहवें घर में कमजोर बृहस्पति व्यक्ति की तार्किक बुद्धि कमजोर कर सकता है या कह सकते हैं ऐसे व्यक्ति की बातें तर्क की कसौटी पर खरी नहीं होती। ऐसे व्यक्ति अपनी भावनाओं को तर्क की कसौटी पर नहीं परख पाते। ऐसे व्यक्ति सपनों में खोये रह सकते हैं। इनका स्वास्थ्य लगातार ख़राब रह सकता है। अगर दूसरे ग्रहों का साथ आर्थिक दृष्टि से अच्छा हो तो ऐसे व्यक्ति अपने ज्ञान का झूठा बखान करके लोगों को बरगला सकते हैं और उनसे पैसा ऐंठ सकते हैं। किसी धार्मिक प्रपंच का सहारा ले सकते हैं।माता के सुख से वंचित हो सकते हैं। दुश्मनों की संख्या बढ़ती जाती है। किसी गुप्त पाप कर्म में शामिल हो सकते हैं। ग्रह कोई भी हो वो किस राशि में बैठा है,किन ग्रहों के साथ बैठा है उस ग्रह पर कौन कौन से ग्रहों की दृष्टि है आदि कुंडली में और भी बहुत से ऑस्पेक्ट होते हैं जिनके आधार पर कुंडली का विश्लेषण किया जाता है। अकेले किसी भी ग्रह के आधार पर अंतिम निर्णय नहीं करना चाहिए।

बृहस्पति ग्रह के सकारात्मक परिणाम तभी मिलते हैं जब कुंडली में दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बृहस्पति के नकारात्मक परिणाम भी तभी मिलते हैं जब कुंडली में दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। बृहस्पति ग्रह से जुडी मानसिक क्रियाओं और उपायों से इसके नेगेटिव इफेक्ट्स को कम किया जा सकता है।

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