बृहस्पति सातवें घर में (Jupiter in Seventh House)

बृहस्पति सातवें घर में (Jupiter in Seventh House)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार सातवें घर से पति-पत्नी, सेक्स, पार्टनरशिप , लीगल कॉन्ट्रैक्ट आदि का विचार कर सकते हैं | इस भाव को केंद्र स्थान और मारक भाव भी कहा जाता है | इस घर के बारे में और विस्तार से बात करें तो पहला घर खुद के व्यक्तित्व का है और उसके विपरीत सातवां घर विपरीतलिंगी और उससे जुड़े दूसरे लोगों का है। ये जुड़ाव व्यावसायिक भागीदारी का भी हो सकता है। कानूनी साझेदारी का विचार भी इस घर से किया जा सकता है। वहीं गुरु बृहस्पति से ज्योतिष, पति सुख, खजाना, धर्मशास्त्र, धन, ज्ञान ,आचार्य, अच्छा आचरण का विचार किया जाता है इसके अलावा यज्ञ,बड़ा भाई, राज्य से मान सम्मान,तपस्या, आध्यात्मिकता, श्रद्धा और विद्या इत्यादि का विचार भी बृहस्पति से किया जाता है | ये धनु और मीन राशियों का स्वामी होता है। बृहस्पति को कर्क राशि में उच्च तथा मकर राशि में नीच माना गया है | गुरु बृहस्पति को सेनापति भी कहा जाता है ,ये एक राशि में लगभग 13 महीने रहता है | बृहस्पति आकाश तत्व और ईशान दिशा का स्वामी है | मोटापा , चर्बी , पेट और पाचन क्रिया पर इसका अधिपत्य है | गुरु कफकारक है | बुध और बृहस्पति दोनों ग्रहों से बुद्धि देखी जाती है फर्क इतना है बुध से किसी बात को जल्दी समझ लेना होता है जबकि बृहस्पति से विचार और चिंतन देखा जाता है |

कुंडली के सातवें घर में बृहस्पति अगर बलवान होकर बैठे हों तो व्यक्ति को कई क्षेत्रों में महारत दे सकता है। ऐसा व्यक्ति राजनीति में प्रसिद्धि प्राप्त कर सकता है। व्यवसायिक बुद्धि के मालिक ऐसे व्यक्ति अपने जीवन में सफलता हासिल करते हैं। ऐसा व्यक्ति बहुत अच्छा शिक्षक या वकील बन सकता है। ऐसे लोगों को अच्छा जीवनसाथी मिलता है या लम्बे समय तक सफल विवाह चलाने में सहयोगी होता है। किसी सरकारी पद पर कार्य करने वाला हो सकता है। आय के साधन एक से ज्यादा हो सकते हैं। ऐसे लोगों का पब्लिक रिलेशन बहुत अच्छा हो सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में सेवा करके या किसी शिक्षण संस्थान को चलाने से बहुत फायदा हो सकता है। अच्छी सोशल नेटवर्किंग और प्रभावशाली वाणी के कारण ऐसे लोग राजनीति में जल्दी सफलता पा सकते हैं। मीडिया जगत से लाभ कमा सकते हैं। भाई बहनो से सहयोग प्राप्त होता है। ऐसे लोग संघर्षों से डरने वाले नहीं होते बल्कि अपने पराक्रम से परिस्थितियों पर काबू पाना जानते हैं। आपको सलाह दी जाती है कि अपने जीवन साथी का और महिलाओं का सम्मान हर हालत में करें।

कुंडली के सातवें घर में बृहस्पति अगर कमजोर अवस्था में हो तो व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में परेशानी आ सकती है। जीवनसाथी से अनबन बनी रह सकती है। नौकरी में परेशानी हो सकती है। ऐसे लोग दूसरों से कटे कटे से रहना पसंद कर सकते हैं। भाई बहनों और साझेदारों से विवाद हो सकता है। साझेदारी में नुक्सान हो सकता है। ऐसे लोग कठोर वाणी बोलने वाले हो सकते हैं। छोटी छोटी बातों से चिंता में आ सकते हैं या निराशा में जा सकते हैं। आपको निराशावाद, डायबिटीज,मोटापे की बीमारी,और यौन रोगों से सावधान रहने की जरुरत है। ग्रह कोई भी हो उसके अंतिम परिणाम के लिए उसकी राशि,अंश,उस पर अन्य ग्रहों की दृष्टि,उसके साथ अन्य ग्रहों कि युति ,उसका बल आदि बहुत सारे ऑस्पेक्ट देखने जरुरी हैं। बृहस्पति के सकारात्मक परिणाम तभी मिलते हैं जब कुंडली में दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बृहस्पति के नकारात्मक परिणाम भी तभी मिलता है जब दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। गुरु बृहस्पति से जुडी मानसिक क्रियाओं और उपायों से इसके नेगेटिव इफेक्ट्स को कम किया जा सकता है।

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