बृहस्पति दसवें घर में (Jupiter in Tenth House)

बृहस्पति दसवें घर में (Jupiter in Tenth House)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में बृहस्पति दसवें घर में(Jupiter in Tenth House) बैठा हो तो उसके क्या परिणाम हो सकते हैं।अपने सब्जेक्ट पर आगे बढ़ने से पहले कुछ बातें दसवें घर और बृहस्पति ग्रह से सम्बंधित जान लेना जरुरी है।वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली के दसवें घर से जय, यश, इज्जत, जीवन यापन का क्षेत्र , रुचियाँ , आचार, हुकूमत का विचार किया जाता है | इसे केंद्र स्थान भी कहा जाता है | दसवें घर को कर्म स्थान भी कहा जाता है | दसवें घर से कर्म देखा जाता है इसका मतलब बाहरी दुनिया से सम्बन्ध। समाज में मान सम्मान भी इस घर से देखा जा सकता है। वहीं गुरु बृहस्पति को सेनापति भी कहा जाता है ,ये एक राशि में लगभग 13 महीने रहता है | ये धनु और मीन राशियों का स्वामी होता है। बृहस्पति को कर्क राशि में उच्च तथा मकर राशि में नीच माना गया है।

गुरु बृहस्पति से ज्योतिष, पति सुख, खजाना, धर्मशास्त्र, धन, ज्ञान ,आचार्य, अच्छा आचरण का विचार किया जाता है इसके अलावा यज्ञ,बड़ा भाई, राज्य से मान सम्मान,तपस्या, आध्यात्मिकता, श्रद्धा और विद्या इत्यादि का विचार भी बृहस्पति से किया जाता है | बृहस्पति आकाश तत्व और ईशान दिशा का स्वामी है | मोटापा , चर्बी , पेट और पाचन क्रिया पर इसका अधिपत्य है | गुरु कफकारक है | बुध और बृहस्पति दोनों ग्रहों से बुद्धि देखी जाती है फर्क इतना है बुध से किसी बात को जल्दी समझ लेना होता है जबकि बृहस्पति से विचार और चिंतन देखा जाता है |

कुंडली में अगर बृहस्पति दसवें घर में(Jupiter in Tenth House) बलवान होकर बैठा हो तो व्यक्ति को समाज में मान सम्मान मिलता है। दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो तो राजनीति में सफलता मिल सकती है। वो हकूमत का हिस्सा हो सकता है। हालाँकि अकेले बृहस्पति का दसवें घर में बैठना बहुत अच्छा नहीं माना जा सकता क्योंकि बृहस्पति को ज्ञान और धर्म का प्रतिनिधि माना जाता है। वो अच्छा शिक्षक एक अच्छा प्रोफेसर तो हो सकता है अच्छा भाषण भी दे सकता है उसकी वाणी में आकर्षण भी हो सकता है। लेकिन कर्म क्षेत्र अगर इससे अलग हो तो व्यक्ति हो बहुत कठिनाई हो सकती है।बृहस्पति दसवें घर में(Jupiter in Tenth House) बलवान होकर बैठा हो तो व्यक्ति को शिक्षा में पूर्णता दे सकता है। माँ का आशीर्वाद बना रहता है। वाहन और सुख सुविधा भी बनी रहती हैं। आर्थिक मोर्चे पर सफलता मिलती है। कुटुंब और परिवार में ऐसे लोगों की बात सुनी जाती है। परिवार से अच्छे सम्बन्ध बने रह सकते हैं। ऐसे व्यक्ति सरकारी नौकरी में हो सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है कि अपने अधिकारों के दुरूपयोग से बचें। ज्ञान और शिक्षा का प्रचार जरूर करें।

कुंडली में बृहस्पति दसवें घर में(Jupiter in Tenth House) अगर कमजोर अवस्था में बैठे हों और उसके नेगेटिव इफेक्ट्स की बात करें तो व्यक्ति को नौकरी में परेशानी हो सकती है। ऐसे लोगों को स्वास्थ्य को लेकर बहुत परेशानी हो सकती है। घुटनों या जोड़ों के दर्द से परेशानी हो सकती है। कफ डायबिटीज या मानसिक अवसाद आपके लिए समस्या बन सकता है। बार बार नौकरी में बदलाव या सहकर्मियों से विरोध हो सकता है। समाज में वो स्थान नहीं मिल पाता जिसका वो हकदार है। उसकी वाणी में कठोरता हो सकती है, जिसके कारण दूसरे लोग उनसे दूरी बनाकर रखना पसंद कर सकते हैं। आर्थिक मोर्चे पर सफलता के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ सकता है। धन संग्रह में परेशानी हो सकती है। कुटुंब या परिवार में वाद विवाद बना रह सकता है।

कुंडली में बृहस्पति दसवें घर में(Jupiter in Tenth House) बैठा हो तो उसका विश्लेषण करने के बाद एक बात और स्पष्ट कर दूँ कि ग्रह कोई भी हो कुंडली में उसका बलवान होना बहुत जरुरी है वो किस ग्रह के साथ है, किन ग्रहों की दृष्टि उस पर पड़ रही है,उसका बल कितना है किस राशि में है , कितने अंश पर है आदि बहुत सारे ऑस्पेक्ट होते हैं जिनके आधार पर फलादेश किया जा सकता है। बृहस्पति ग्रह के सकारात्मक परिणाम तभी मिलते हैं जब कुंडली में दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बृहस्पति ग्रह के नकारात्मक परिणाम भी तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। बृहस्पति ग्रह से सम्बंधित मानसिक क्रियाओं और उपायों से इसके बुरे प्रभावों को कम किया जा सकता है।

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