बुध आठवें घर में (Mercury in Eighth House)

बुध आठवें घर में (Mercury in Eighth House)

हमारा विषय है : बुध आठवें घर में(Mercury in Eighth House) बैठा हो तो क्या परिणाम हो सकते हैं। लेकिन सब्जेक्ट पर आगे बढ़ने से पहले बुध ग्रह और आठवें घर के बारे में जान लेना जरुरी है।वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के आठवें घर(Eight House) से स्त्री का सौभाग्य , मानसिक बीमारी , आयु, मृत्यु, गुप्त ज्ञान , क्लेश , बदनामी, खनन , पत्नी का धन, ससुराल, दुर्घटना , गुदा , गुप्त विद्या आदि का विचार किया जाता है | वहीँ बुध(Mercury) ग्रह को वाणी का कारक माना गया है। बुध ग्रह से कला, निपुणता, सत्य वचन, शिल्पकला, मीडिया, मित्र, ज्योतिष, कानून, व्यवसाय, लेखन कार्य, अध्यापन, गणित, संपादन, प्रकाशन, खेल, वात, पित, कफ ,हरे रंग का विचार किया जाता है | बुध ग्रह को स्पष्टवक्ता, रजोगुणी, पृथ्वी तत्व, नपुंसक ग्रह माना गया है | ये पापी ग्रहों के साथ पापी एवं शुभ ग्रहों के साथ शुभ फल देता है। बुध ग्रह उत्तर दिशा , कन्या एवं मिथुन राशियों का स्वामी होता है | बुध कन्या राशि में उच्च तथा मीन राशि में नीच माना गया है ।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के आठवें घर(Eight House) में बैठे बुध(Mercury) का विश्लेषण करने से पहले हमें बहुत सावधानी की जरुरत है क्योंकि पौराणिक ग्रंथों के हिसाब से आठवां घर अशुभ स्थान है। ये रहस्य का स्थान है, ये अन्धकार है, गहरा कुंवा है । यहां बैठा बुध अनेक परेशानियां दे सकता है। व्यक्ति को त्वचा के, पीठ के रोग दे सकता है। व्यक्ति को अलग थलग कर सकता है। लेकिन आज के दौर में बुध ग्रह की अहमियत को समझा जा सकता है। आठवें घर की गहराई और बुध ग्रह की सूक्ष्म और पैनी नजर को देखते हुए कुंडली में बुध आठवें घर में(Mercury in Eighth House) अगर बलवान होकर बैठा हो तो और मजबूत बुध ग्रह के सकारात्मक पक्ष की बात करें तो एक अनोखी और दिलचस्प पिक्चर हमारे सामने आती है। बुध ग्रह में सीखने की प्रवृति और क्षमता दोनों हैं उसे अलग अलग विषयों में रूचि हो सकती है। बुध ग्रह में विश्लेषण करने की अद्भुत क्षमता है। बुध जिज्ञासु है।

कुंडली(Kundli) के आठवें घर(Eight House) में बैठा बुध(Mercury) ज्योतिष और गूढ़ विषयों को आसानी से समझकर दूसरे लोगों तक पहुंचाने में समर्थ हो सकता है। ऐसे व्यक्तियों के पास सिक्स्थ सेंस कमाल की होती है। ऐसे लोग दूसरे लोगों के परिवेश , वातावरण और उनकी सोच को पहचान लेने की क्षमता रखते हैं। दूसरे घर पर दृष्टि होने के चलते ऐसे लोग प्रखर वक्ता हो सकते हैं।बुध आठवें घर में(Mercury in Eighth House) अगर बलवान होकर बैठा हो तो ऐसे लोग रिसर्च और एनालिसिस के क्षेत्र में जबरदस्त सफलता प्राप्त कर सकते हैं। खोजी प्रवृत्ति के ऐसे लोग गुप्तचर सेवाओं में अच्छा कर सकते हैं। किसी भी घटना के पीछे छिपे रहस्यों को उजागर कर सकते हैं। एक अच्छे वैज्ञानिक बन सकते हैं। आयल , पेट्रोलियम और खनन के क्षेत्र में सफलता पा सकते हैं। ससुराल पक्ष से अच्छा सहयोग मिल सकता है। गणित जैसे विषयों में नए सूत्र खोज सकता है। लेखन कला कमाल की हो सकती है खासकर रहस्यमयी कथाओं में इतिहास रच सकता है। एक अच्छे संपादक या प्रकाशक हो सकते हैं।

कुंडली(Kundli) में बुध आठवें घर में(Mercury in Eighth House) अगर कमजोर होकर बैठा हो और उसके नकारात्मक परिणामों की बात करें तो ऐसे व्यक्ति अकेलापन महसूस कर सकते हैं। किसी त्वचा रोग या यौन रोग/गुदा रोग से पीड़ित हो सकते हैं। बार बार नौकरी में बदलाव कर सकते हैं या कारोबार बदल सकते हैं जिसके कारण इनके जीवन में स्थायित्व नहीं आ पाता। अपनी बात को समझाने में कई बार असमर्थ हो सकता है। अभिव्यक्ति में समस्या हो सकती है। ससुराल पक्ष से परेशानी हो सकती है। व्यक्ति कर्जदार हो सकता है। ऐसे व्यक्ति बेचैन रह सकते हैं किसी हीनभावना के शिकार हो सकते हैं गहरे अवसाद में जा सकते हैं। अगर दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो तो मानसिक बीमारी से ग्रस्त हो सकते हैं। किसी तंत्रिका तंत्र रोग से पीड़ित हो सकते हैं। निराशावाद और अधीरता की प्रवृत्ति हो सकती है। कुटुंब में क्लेश रह सकता है। गुप्त संबंधों के चलते बदनामी हो सकती है।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार बुध(Mercury) ग्रह को तर्क शक्ति, संचार और मित्र का कारक माना गया है। बुध ग्रह से चर्मरोग,दिमाग, फेंफडे, शरीर की स्नायु तंत्र प्रक्रिया, अस्थमा, गूंगापन, मतिभ्रम, नाड़ी कंपन, जीभ, बुद्धि, वाणी का विचार किया जाता है | बुध एक तटस्थ ग्रह है जो जिस ग्रह की संगति में आता है उसके अनुसार जातक को फल देता है। बुध ग्रह के सकारात्मक परिणाम तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बुध ग्रह के नकारात्मक परिणाम भी तभी मिलते हैं जब कुंडली(Kundli) में दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। बुध ग्रह से जुड़ी कुछ मानसिक क्रियाओं और उपायों से इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है। शेष प्रभु इच्छा।

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