बुध ग्यारहवें घर में (Mercury in Eleventh House)

बुध ग्यारहवें घर में (Mercury in Eleventh House)

हमारा विषय है : बुध ग्यारहवें घर में(Mercury in Eleventh House) बैठा हो तो क्या परिणाम हो सकते हैं। लेकिन सब्जेक्ट पर आगे बढ़ने से पहले बुध ग्रह और ग्यारहवें घर के बारे में जान लेना जरुरी है।वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के ग्यारहवें घर(Eleventh House) से आमदनी, धन ऐश्वर्या , बड़े भाई बहन, शुभ समाचार का विचार किया जाता है | सोशल नेटवर्किंग और पब्लिक रिलेशन का विचार भी इस घर से किया जा सकता है। वहीँ वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार बुध(Mercury) ग्रह को स्पष्टवक्ता, रजोगुणी, पृथ्वी तत्व, नपुंसक ग्रह माना गया है | ये पापी ग्रहों के साथ पापी एवं शुभ ग्रहों के साथ शुभ फल देता है इसके अलावा यह उत्तर दिशा , कन्या एवं मिथुन राशियों का स्वामी होता है | बुध कन्या राशि में उच्च तथा मीन राशि में नीच माना गया है।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार बुध ग्रह से ज्योतिष, कानून, व्यवसाय, लेखन कार्य, अध्यापन, गणित, संपादन, प्रकाशन आदि का विचार किया जाता है। इसके अलावा खेल, वात, पित, कफ , कला, निपुणता, सत्य वचन, शिल्पकला, मीडिया, मित्र, हरे रंग का विचार भी किया जाता है | बुध ग्रह वाणी का कारक ग्रह है। बुध ग्रह को तर्क शक्ति, संचार और मित्र का कारक भी माना गया है।

कुंडली(Kundli) के ग्यारहवें घर(Eleventh House) में बैठे बलवान बुध(Mercury) की ये स्थिति मित्रों के सम्बन्ध में सबसे अच्छी स्थिति कही जा सकती है। ऐसे लोगों का सोशल नेटवर्क कमाल का हो सकता है। ऐसे लोग मीडिया और मनोरंजन जगत में भी अपना नाम कमा सकते हैं। ग्यारहवां घर हमारी इच्छाओं और आशाओं का घर है। बुध युवा है इसलिए युवा लोगों के जो सपने होते हैं जिन कल्पनाओं के संसार में वे गोता लगाते रहते हैं उस आनंद और मजे के लिए किये जाने वाले सभी काम यंहा से देखे जा सकते हैं। इसमें दोस्तों की संख्या का कोई हिसाब नहीं हो सकता। कौन कैसा है इसका भी कोई हिसाब नहीं होता। बुध मीडिया और वर्तमान में उपयोग होने वाले सभी संचार माध्यमों का भी कारक है। इसलिए मोबाइल और दूसरे गैजेट में व्यस्त रहना आज की युवा पीढ़ी का शगल है। उसकी दिलचस्पी को समझा जा सकता है। उसके सभी रूपों और क्षेत्रों में सफलता के लिए कोशिश की जा सकती है। दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो तो सफलता भी निश्चित है। इसमें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों शामिल हैं।

कुंडली में बुध ग्यारहवें घर में(Mercury in Eleventh House) अगर बलवान होकर बैठा हो तो व्यक्ति चाहता है कि उसकी बात को सुना जाये, समझा जाये। ऐसे व्यक्ति नई नई योजनाओं के बारे में सोचते रहते हैं। नए विचार उनकी ऊर्जा को बढ़ा देते हैं। ऐसे लोगों का दिमाग रचनात्मक चीजों की तरफ आकर्षित होता है। वो हर नई चीज को परख लेना चाहते हैं। उसके अनुभव से गुजर जाना चाहते हैं। कल्पनाशीलता इनकी ताकत और सपने देखते रहना इनकी आदत हो सकती है। मौज मस्ती में समय गुजारना दोस्तों से घिरे रहना इनको अच्छा लगता है। लेकिन संघर्ष के लिए दूसरे ग्रहों का साथ मिलना जरुरी है। कारोबार में नए नए क्षेत्रों की तलाश करना और अपने व्यापार को नई दिशा देना इनसे सीखा जा सकता है।

जल्दबाजी बुध का स्वाभाविक गुण है जिसके कारण ऐसे व्यक्ति हर वक्त जल्दबाजी में रहते हैं खाना खाते हुए , चलते हुए, विचार करते हुए सब कुछ जल्दी करना चाहते हैं।बुध ग्यारहवें घर में(Mercury in Eleventh House) अगर बलवान होकर बैठा हो तो ऐसे व्यक्ति एक ही समय कई काम करने को भी उत्सुक हो सकते हैं। अपनी पसंद की चीजों का संग्रह करने के शौक़ीन हो सकते हैं जैसे कई घड़ियाँ , कई पेन कई मोबाइल आदि। इसलिए ऐसे लोग दोस्तों की संख्या भी बढ़ाते चले जाते हैं। अपने बच्चों से विशेष लगाव हो सकता है और शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी अच्छा कर सकते हैं। अच्छे नेटवर्क की वजह से , मित्रों की सहायता से ऐसे लोग अपने जीवन में सफलता पा लेते हैं।

कुंडली(Kundli) में बुध ग्यारहवें घर में(Mercury in Eleventh House) अगर कमजोर होकर बैठा हो और उसके नकारात्मक परिणामों की बात करें तो ऐसे लोग हीन भावना का शिकार हो सकते हैं। हर वक्त चिंता में रह सकते है। निराशावाद और अवसाद में जा सकते हैं। कला और मनोरंजन में रूचि होने के बावजूद उसे प्रकट करने में नाकाम रह सकते हैं। दोस्तों के बीच अलग थलग पड़ सकते हैं। सबसे कटे कटे रह सकते हैं या दोस्त उसको इग्नोर कर सकते हैं। दूसरे लोगों पर डिपेंड रह सकते हैं। ऐसे लोगों को आगे बढ़ने या निराशा से निकलने के लिए किसी की सहानुभूति चाहिए जो हर वक्त नहीं मिलती। बुध ग्रह से नाड़ी कंपन, चर्मरोग,दिमाग, फेंफडे, शरीर की स्नायु तंत्र प्रक्रिया, अस्थमा, गूंगापन, मतिभ्रम,जीभ, बुद्धि, वाणी का विचार किया जाता है |

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार बुध एक तटस्थ ग्रह है जो जिस ग्रह की संगति में आता है उसके अनुसार जातक को फल देता है। बुध ग्रह के शुभ फल तभी मिलते हैं जब कुंडली(Kundli) में दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बुध ग्रह के अशुभ फल भी तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बुध(Mercury) ग्रह से सम्बंधित मानसिक क्रियाओं और कुछ उपायों से इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है। शेष प्रभु इच्छा।

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