बुध छठे घर में (Mercury in Sixth House)

बुध छठे घर में (Mercury in Sixth House)

कुंडली में बुध छठे घर में(Mercury in Sixth House) बैठा हो तो क्या परिणाम हो सकते हैं। ये जानने से पहले बुध ग्रह और छठे घर के बारे में जान लेना जरुरी है।वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के छठे घर(Sixth House) से क़र्ज़, दुश्मन, रोग,लड़ाई-झगड़ा , अपमान, पाप, दुष्ट कर्म, मामा , नौकरी, नाभि का विचार किया जाता है | इसे त्रिक भी कहा जाता है | वंही बुध(Merucry) ग्रह(Grah) से व्यवसाय, लेखन कार्य, अध्यापन, गणित, ज्योतिष, कानून, संपादन, प्रकाशन, खेल, वात, पित, कफ , कला, निपुणता, सत्य वचन, शिल्पकला, मीडिया, मित्र, हरे रंग का विचार किया जाता है | ये पापी ग्रहों के साथ पापी एवं शुभ ग्रहों के साथ शुभ फल देता है इसके अलावा यह उत्तर दिशा , कन्या एवं मिथुन राशियों का स्वामी होता है | बुध कन्या राशि में उच्च तथा मीन राशि में नीच का माना गया है। बुध ग्रह को स्पष्टवक्ता, रजोगुणी, पृथ्वी तत्व, नपुंसक ग्रह माना गया है | बुध ग्रह को वाणी का कारक माना गया है।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली में बुध छठे घर में(Mercury in Sixth House) अगर बलवान होकर बैठा हो तो व्यक्ति बहुत अच्छा विश्लेषक हो सकता है। ऐसे लोगों की रूचि एकाउंट्स और फाइनेंस में हो सकती है। छठा घर सेवा का घर है , नौकरी का घर है जिसे हम सर्विस भी कहते हैं। मूल रूप से देखा जाये तो सेवा का मतलब होता है दूसरों के लिए कुछ करना और किसी भी तरह की अपेक्षा नहीं रखना। अगर धन्यवाद पाने की भी आकांक्षा है तो वो सेवा नहीं है। बुध(Merucry) ग्रह(Grah) को तठस्थ ग्रह माना गया है। एक तरह से साक्षी भाव से अपने आपको रखना। बुध संलिप्त नहीं होता। इसलिए छठे घर और बुध ग्रह के इस कारकत्व में गजब की समानता है जिसे हम कुंडलियों में उसके प्रभाव को लगातार देखते भी हैं। बुध ग्रह जब अपने साक्षी भाव से काम करता है तो व्यक्ति अपने काम में डूब जाता है सिर्फ प्रयासों पर ध्यान देता है परिणामों पर नहीं। व्यक्ति सीखने पर फोकस करता है।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार छठे घर(Sixth House) से हमारे दैनिक कार्यों को भी देखा जाता है। कुंडली में बुध छठे घर में(Mercury in Sixth House) अगर बलवान होकर बैठा हो तो व्यक्ति को बहुत व्यवस्था से काम करने वाला बना सकता है। हर चीज में हर जगह ऐसा व्यक्ति व्यवस्था चाहता है। ऐसे लोग बहुत अच्छे प्रशासक या मैनेजर हो सकते हैं। बुध ग्रह बुद्धि का भी कारक है इसलिए ऐसे व्यक्ति बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णय लेने में सक्षम हो सकते हैं। ऐसे लोग अक्सर बहुत सारी यात्राएं करते हैं जिनमे विदेश यात्रा भी शामिल है। विदेशों से ज्ञान का आदान प्रदान हो सकता है, पेशा कोई भी हो । अगर अध्यात्म में रूचि हो तो धर्म और उससे जुडी किताबों का लगातार अध्ययन करने वाले हो सकते हैं, अपनी विश्लेषण क्षमता से छिपे हुए गूढ़ रहस्यों को उजागर कर सकते हैं , किसी नए सूत्र को तलाश सकते हैं । खेलों में रूचि हो , खासकर बौद्धिक स्तर के खेलों में जबरदस्त प्रदर्शन कर सकते हैं।

दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो तो छठे घर(Sixth House) में बैठा बुध(Merucry) व्यक्ति को एक अच्छा ऑरेटर या वकील बना सकता है। फाइनेंस के क्षेत्र में जबरदस्त सफलता दिला सकता है। सामाजिक कामों में रूचि हो और दूसरे ग्रहों का साथ भी मिल रहा हो तो बुध की इससे अच्छी स्थिति नहीं हो सकती। ऐसे व्यक्ति नामी समाजसेवी बन सकते हैं। ऐसे लोग निस्वार्थ भावना से काम करते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं। ऐसे लोगों के पीछे और इनका साथ पाने के लिए राजनितिक और दूसरे सामाजिक संगठन लगे रहते हैं।दूसरे ग्रहों की स्थिति भी अनुकूल हो तो चिकित्सा के क्षेत्र में भी ऐसे लोग अपना नाम कमा सकते हैं।

कुंडली(Kundli) में बुध छठे घर में(Mercury in Sixth House) अगर कमजोर होकर बैठा हो और उसके नकारात्मक परिणामों की बात करें तो ऐसे लोग समाजसेवा का आडम्बर कर सकते हैं। झूठ इनके व्यक्तित्व का हिस्सा हो सकती है। सेवा के नाम पर लोगों से ठगी कर सकते हैं। सहयोगियों और सहकर्मियों के साथ लड़ाई झगड़ा करते रह सकते हैं। समाज में बदनाम हो सकते हैं। धर्म या सेवा की आड़ में कोई समाजविरोधी काम कर सकते हैं। किसी पाप कर्म में लिप्त हो सकते हैं। लोगों के एकाउंट्स से ठगी कर सकते हैं , नकली कागजों के सहारे कोई बेईमानी कर सकते हैं। नकली चीजें , नकली कारोबार या नकली कंपनी के नाम पर लोगों से पैसा ऐंठ सकते हैं। इनका मूल स्वभाव आडम्बर और झूठ हो सकता है। ऐसे लोग किसी अनजाने भय से ग्रस्त रह सकते हैं। अधीरता और बेचैनी हो सकती है।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार बुध ग्रह से शरीर की स्नायु तंत्र प्रक्रिया, अस्थमा, गूंगापन, मतिभ्रम, नाड़ी कंपन, चर्मरोग,दिमाग, फेंफडे, जीभ, बुद्धि, वाणी का विचार किया जाता है | बुध एक तटस्थ ग्रह है जो जिस ग्रह की संगति में आता है उसके अनुसार जातक को फल देता है। बुध(Merucry) ग्रह(Grah) को तर्क शक्ति, संचार और मित्र का कारक माना गया है। बुध ग्रह के बुरे प्रभाव तभी मिलते हैं जब कुंडली(Kundli) में दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। बुध ग्रह के अच्छे प्रभाव भी तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। कुछ मानसिक अभ्यास और अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करके बुध ग्रह के बुरे प्रभावों को कम किया जा सकता है। शेष प्रभु इच्छा।

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