बुध दसवें घर में (Mercury in Tenth House)

बुध दसवें घर में (Mercury in Tenth House)

कुंडली में बुध दसवें घर में(Mercury in Tenth House) बैठा हो तो क्या परिणाम हो सकते हैं। ये जानने से पहले बुध ग्रह और दसवें घर के बारे में जान लेना जरुरी है।वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के दसवें घर(Tenth House) को कर्म स्थान भी कहा जाता है | जय, यश, इज्जत, जीवन यापन का क्षेत्र , रुचियाँ , आचार, हुकूमत का विचार दसवें घर से करें | इसे केंद्र स्थान भी कहा जाता है | वहीँ बुध ग्रह वाणी का कारक ग्रह है |वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार बुध(Mercury) ग्रह से ज्योतिष, कानून, व्यवसाय, लेखन कार्य, अध्यापन, गणित, संपादन, प्रकाशन, खेल आदि का विचार किया जाता है। इसके अलावा वात, पित, कफ , कला, निपुणता, सत्य वचन, शिल्पकला, मीडिया, मित्र, हरे रंग का विचार भी किया जाता है | बुध ग्रह को स्पष्टवक्ता, रजोगुणी, पृथ्वी तत्व, नपुंसक ग्रह माना गया है | ये पापी ग्रहों के साथ पापी एवं शुभ ग्रहों के साथ शुभ फल देता है इसके अलावा यह उत्तर दिशा, कन्या एवं मिथुन राशियों का स्वामी होता है | बुध कन्या राशि में उच्च तथा मीन राशि में नीच माना गया है साथ ही साथ चतुर्थ भाव का कारक भी होता है ।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के दसवें घर(Tenth House) में बैठे बलवान और मजबूत बुध(Mercury) ग्रह के कारण व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में उच्च पद पर पहुंच सकता है। ऐसे लोगों का समाज से संपर्क बहुत गहन हो सकता है। ऐसे व्यक्ति समाज में जबरदस्त योगदान करते हैं। नौकरी में, राजनीति में ,तकनीकी क्षेत्र में या संचार के क्षेत्र में सफलता अर्जित कर सकता है। एक नजरिया हमारा होता है कि हम लोगों के सामने अपने आपको कैसे प्रस्तुत करते हैं , लेकिन दूसरा नजरिया लोगों का भी होता है कि वो हमें किस तरह देख रहे हैं किस तरह समझ रहे हैं उनकी नजरों में हमारी छवि क्या है। दसवां घरअकेले कर्म का स्थान नहीं है आप जितनी गहराई में जायेंगे तो पता चलेगा ये उससे कहीं और भी विस्तार लिए हुए है। अपनी तीक्ष्ण और सूक्ष्म बुद्धि के चलते ऐसे लोग कर्म और उसके पीछे छिपे रहस्य के बारे में सोचते रह सकते हैं।

कुंडली में बुध दसवें घर में(Mercury in Tenth House) अगर बलवान होकर बैठा हो तो ऐसे लोग जनता कि नब्ज को पहचानने वाले होते हैं और अक्सर कानून के जानकार भी। ऐसे व्यक्ति राजनीति में सफल हो सकते हैं। दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो तो किसी तकनीकी क्षेत्र में भी सफल हो सकते हैं। ऐसे लोगों के पास धन संपत्ति की कमी नहीं रहती। अच्छा वाहन और अच्छा मकान होता है। ऐसे लोग कला या मीडिया के क्षेत्र में भी सफलता पा सकते हैं। ये घर दूसरे लोगों की हमारे प्रति धारणा का भी घर है। इसलिए यहां बलवान बुध ग्रह व्यक्ति की मिलनसार और मृदुभाषी की छवि बना सकता है। अपनी भाषण कला से लोगों को मंत्रमुग्ध कर सकते हैं। किसी सरकारी पद पर हो सकते हैं। अगर कारोबारी हैं तो अपने व्यवहार से लोगों को अपने साथ जोड़ सकते हैं। अपने सोशल नेटवर्क से कारोबार में फायदा ले सकते हैं। बुध ग्रह सीखने में भरोसा रखता है और जिज्ञासु है। वो तार्किक भी है उसका चिंतन वैज्ञानिक है। फाइनेंस या गणित से जुड़े कामों से सफलता मिल सकती है जैसे अध्यापन या किसी कॉलेज में प्रोफेसर।

बुध दसवें घर में(Mercury in Tenth House) अगर कमजोर होकर बैठा हो और उसके नकारात्मक परिणामों की बात करें तो ऐसे लोगों की छवि एक पाखंडी व्यक्ति की हो सकती है किसी आडम्बर से घिरे हो सकते हैं। ऐसे लोगों की रूचि सफलता के लिए शॉर्टकट ढूंढ़ने में हो सकती है। जीवनयापन के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। राज्य सरकार से टैक्स आदि की वजह से परेशानी हो सकती है। निराशावाद घेर सकता है। आलस का शिकार हो सकते हैं। बुध ग्रहसे शरीर की स्नायु तंत्र प्रक्रिया, अस्थमा, गूंगापन, मतिभ्रम, नाड़ी कंपन, चर्मरोग,दिमाग, फेंफडे, जीभ, बुद्धि, वाणी का विचार किया जाता है |

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली में बुध एक तटस्थ ग्रह है जो जिस ग्रह की संगति में आता है उसके अनुसार जातक को फल देता है। बुध ग्रह को तर्क शक्ति, संचार और मित्र का कारक माना गया है। ऐसे लोगों को तंत्रिका तंत्र या घुटनो से सम्बंधित परेशानी हो सकती है। बुध ग्रह के सकारात्मक परिणाम तभी मिलते हैं जब कुंडली(Kundli) में दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बुध ग्रह के नकारात्मक परिणाम भी तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। बुध(Mercury) ग्रह से सम्बंधित मन की क्रियाओं से और कुछ उपायों से इसके नकारात्मक परिणामों को कम किया जा सकता है।

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