बुध तीसरे घर में (Mercury in Third House)

बुध तीसरे घर में (Mercury in Third House)

हमारा विषय है : बुध तीसरे घर में(Mercury in Third House) बैठा हो तो क्या परिणाम हो सकते हैं। लेकिन सब्जेक्ट पर आगे बढ़ने से पहले बुध ग्रह और तीसरे घर के बारे में जान लेना जरुरी है।वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के तीसरे घर(Third House) से हिम्मत, वीरता, वाणी का व्यय, नौकर-चाकर, संचार, भाई बहिन आदि का विचार किया जाता है | ज्योतिष में 3, 6, 11 घरों को दुश्चिक्य भाव भी कहा जाता है | वहीँ बुध(Mercury) ग्रह से गणित, संपादन, प्रकाशन, खेल,ज्योतिष, कानून, व्यवसाय, लेखन कार्य, अध्यापन, वात, पित, कफ , कला, निपुणता, सत्य वचन, शिल्पकला, मीडिया, मित्र, हरे रंग का विचार किया जाता है | बुध कन्या राशि में उच्च तथा मीन राशि में नीच माना गया है साथ ही साथ बुद्धि, मित्र सुख और चतुर्थ भाव का कारक भी होता है ।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार बुध तीसरे घर में(Mercury in Third House) अगर बलवान होकर बैठा हो तो व्यक्ति को मीडिया या मनोरंजन जगत में सफलता दिला सकता है। व्यक्ति को अच्छा लेखक बना सकता है। तीसरे घर(Third House) में बुध के कारण भाई बहनों से रिश्ते अच्छे होते हैं। कुंडली(Kundli) में तीसरा घर ऊर्जा का घर है वीरता का घर है इसलिए बुध यहां खेल और खेल की दुनिया से जुड़े कारोबार में सफलता पा सकते हैं। तीसरा घर संचार का घर माना जाता है और बुध ग्रह संचार का कारक ग्रह है। यहां बैठे बुध अपने आपको बहुत कम्फर्टेबल महसूस करता है। ऐसे व्यक्ति संचार और संचार माध्यमों से जुडी बातों , चीजों में रूचि ले सकते हैं और सफलता भी पा सकते हैं। बोलने की कला और वाणी से धन कमा सकते हैं। अक्सर देखा गया है कि ऐसे व्यक्ति अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त लेखक या एंकर हो सकते हैं।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली में बुध तीसरे घर में(Mercury in Third House) अगर बलवान होकर बैठा हो तो देश विदेश में लम्बी यात्राएं कर सकते हैं। अगर अध्यात्म में रूचि है तो अच्छे प्रीचर हो सकते हैं। धर्म सम्बन्धी व्याख्यान देकर धन कमा सकते हैं। बुध(Mercury) ग्रह(Grah) के स्वाभाविक गुणों के अनुसार ऐसे लोग अपने विषय और रुचियाँ बहुत जल्दी बदल सकते हैं। ऐसे व्यक्ति बहुत जल्दबाज होते हैं जो इनके हर काम में दिखाई भी पड़ता है। विचारों की गहराई में जाना और उनका विश्लेषण करते रहना इनका शगल हो सकता है। तीसरे घर में बैठा बुध व्यक्ति को चिंतन भी देता है और एक्शन भी। इसलिए बुध से सम्बंधित किसी भी क्षेत्र में सफलता मिल सकती है बशर्ते दूसरे ग्रहों का साथ भी मिल रहा हो।

कुंडली(Kundli) के तीसरे घर(Third House) में बैठे बुध(Mercury) वाले व्यक्ति विनम्र और मृदुभाषी होते हैं संयमित रहते हैं और किसी भी समस्या के समाधान के लिए तर्कसंगत उपाय खोजने वाले होते हैं । इनमे इतनी क्षमता होती है कि किसी मुद्दे को समझ सकें और सबसे कठिन से कठिन समस्या का हल कर सकें, इनकी विनम्रता को कभी कभी कमजोरी और जोड़तोड़ वाला मान लिया जाता है। ऐसे लोग बुद्धिजीवी और स्वतंत्र होते हैं |

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में बुध तीसरे घर में(Mercury in Third House) अगर कमजोर होकर बैठा हो और उसके नेगेटिव इफेक्ट्स की बात करें तो ऐसे व्यक्ति कोई भी रिस्क लेने से बचना चाहेंगे। किसी भी समस्या को हल करने की बजाय उससे दूर भागना चाहेंगे। पलायन करना इनकी आदत हो सकती है। किसी सस्ते साहित्य में रूचि हो सकती है। अपनी बात को दूसरों तक पहुंचाने में दिक्कत हो सकती है।लिखते हुए कुछ पंक्तियाँ छोड़ देना या पूरा पैराग्राफ छोड़ देना इनकी कमजोरी हो सकता है। बात करते हुए भी रेफेरेंस छोड़ देना या कम्युनिकेशन गैप इनकी एक और कमजोरी हो सकती है। व्यर्थ की यात्राएं कर सकते हैं। अपने बड़े बुजुर्गों से विरोध की भाषा बोल सकते हैं। उनसे विचारों का टकराव हो सकता है। गले का कोई रोग हो सकता है।तंत्रिका तंत्र और श्वांस से संबंधित, खासकर सुनने की समस्या से ऐसे जातक ग्रसित हो सकते हैं | इसके अलावा कभी कभी घबराहट,निराशावाद,दब्बूपन और अधीरता की प्रवृति आ सकती है। एनीमिया जैसे रोग समस्याएं बन सकते है।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली में बुध(Mercury) ग्रह(Grah) पारे की तरह होता है इसलिए इन्हें समझना थोड़ा मुश्किल होता है , क्योंकि ये एक क्षण में गुस्सा करते हैं और दूसरे पल शांत हो जाते हैं | बुध ग्रह को स्पष्टवक्ता, रजोगुणी, पृथ्वी तत्व, नपुंसक ग्रह माना गया है | ये पापी ग्रहों के साथ पापी एवं शुभ ग्रहों के साथ शुभ फल देता है इसके अलावा यह उत्तर दिशा , कन्या एवं मिथुन राशियों का स्वामी होता है | बुध ग्रह से शरीर की स्नायु तंत्र प्रक्रिया, अस्थमा, गूंगापन, मतिभ्रम, नाड़ी कंपन, चर्मरोग,दिमाग, फेंफडे, जीभ, बुद्धि, वाणी का विचार किया जाता है | बुध(Mercury) ग्रह(Grah) को तर्क शक्ति, संचार और मित्र का कारक माना गया है। बुध ग्रह के अच्छे फल तभी मिलते हैं जब कुंडली(Kundli) में दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बुध ग्रह के बुरे परिणाम भी तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का बिलकुल भी साथ नहीं मिल रहा हो। बुध ग्रह से सम्बंधित कुछ मानसिक उपायों और बदलावों से इसके अशुभ परिणामों को कम किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »