बुध बारहवें घर में (Mercury in Twelfth House)

बुध बारहवें घर में (Mercury in Twelfth House)

कुंडली में बुध बारहवें घर में(Mercury in Twelfth House) बैठा हो तो क्या परिणाम हो सकते हैं। ये जानने से पहले बुध ग्रह और बारहवें घर के बारे में जान लेना जरुरी है।वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के बारहवें घर(Twelfth House) से पैर, बांया नेत्र, चुगलखोरी, सीक्रेट प्लान, हॉस्पिटल, एकांत, मोक्ष, एसाइलम, शयन सुख, गुप्त सम्बन्ध, जेल आदि का विचार किया जाता है | इस घर को व्यय भाव भी कहा जाता है| वहीँ बुध(Mercury) ग्रह वाणी का कारक ग्रह है| बुध ग्रह से ज्योतिष, कानून, व्यवसाय, लेखन कार्य, अध्यापन, गणित, संपादन, प्रकाशन आदि का विचार किया जाता है। इसके अलावा खेल, वात, पित, कफ , कला, निपुणता, सत्य वचन, शिल्पकला, मीडिया, मित्र, हरे रंग का भी विचार किया जाता है |वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार बुध ग्रह को स्पष्टवक्ता, रजोगुणी, पृथ्वी तत्व, नपुंसक ग्रह माना गया है | ये पापी ग्रहों के साथ पापी एवं शुभ ग्रहों के साथ शुभ फल देता है इसके अलावा यह उत्तर दिशा , कन्या एवं मिथुन राशियों का स्वामी होता है | बुध कन्या राशि में उच्च तथा मीन राशि में नीच माना गया है।

बुध ग्रह को तर्क शक्ति, संचार , मित्र और चतुर्थ भाव का कारक भी माना गया है। कुंडली(Kundli) के बारहवें घर(Twelfth House) के कारक और बुध(Mercury) ग्रह के कारक कहीं पर भी मेल नहीं खाते और बारहवें घर को अशुभ स्थान भी माना गया है। लेकिन आज के दौर में गौर से देखेंगे तो आठवें और बारहवें घर का महत्त्व कई मायनों में बहुत बढ़ गया है। बारहवें घर का विश्लेषण करने के लिए अतिरिक्त सावधानी की जरुरत है। क्योंकि बारहवां घर व्यक्ति की मुक्ति से जुड़ा घर है। आज के दौर में बुध ग्रह का महत्व भी समझ में आता है। कुंडली(Kundli) में बुध बारहवें घर में(Mercury in Twelfth House) अगर बलवान होकर बैठा हो तो ऐसे व्यक्ति बहुत अच्छे लेखक हो सकते हैं वो फिक्शन हो सकता है साइंस फिक्शन हो सकता है। रहस्य ओर रोमांच से भरपूर कहानियां हो सकती हैं। किसी छिपे हुए गूढ़ रहस्यों को लेकर कुछ लिखना हो सकता है।

बलवान बुध बारहवें घर में(Mercury in Twelfth House) सूक्ष्म और तीक्ष्ण बुद्धि देता है इसलिए ऐसे व्यक्ति गुप्तचर सेवाओं में बहुत अच्छा कर सकते हैं। इसके अलावा सेवा क्षेत्रों जैसे हॉस्पिटल आदि में अपनी सेवाओं से सफलता पा सकते हैं। बुध ग्रहणशील और संचारक ग्रह है इसलिए यहां बैठा बलवान बुध व्यक्ति को आंतरिक अतीन्द्रिय शक्तियां दे सकता है। जिसके कारण ऐसे व्यक्ति गूढ़ से गूढ़ रहस्यों से पर्दा उठा सकते हैं। गहरे छिपे ज्ञान की परतों को हटा सकते हैं। बारहवां घर दृश्य से अदृश्य की ओर जाने का इशारा करता है। ऐसे लोग अदृश्य चीजों को जानने ओर समझने की ताकत रख सकते हैं। ऐसे लोग खोजी स्वभाव ओर विश्लेषण करने में निपुण हो सकते हैं।

कुंडली(Kundli) में बुध बारहवें घर में(Mercury in Twelfth House) अगर कमजोर होकर बैठा हो और उसके नकारात्मक परिणामों की बात करें तो कई विचित्र पहलु हमारे सामने आते हैं। ऐसे व्यक्ति समस्याओं से भागने वाले हो सकते हैं। सोच विचार तो बहुत कर सकते हैं चीजों का विश्लेषण भी कर सकते हैं लेकिन जब धरातल पर उतरकर काम करने की बारी आती है तब ऐसे लोग वहां से पलायन कर जाते हैं। चीजों और काम को बीच में छोड़ सकते हैं।अक्सर देखा गया है कि ऐसे लोगों को अभिव्यक्ति में बहुत परेशानी होती है। ऐसे व्यक्ति सोच तो सकते हैं लेकिन अपने अंदर जो सोचा है उसको बताने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं। ऐसे लोग भावों से सोचते हैं विचारों से नहीं इसलिए जब बताने की बारी आती है तब अपने अंदर शब्द नहीं खोज पाते। अक्सर देखा गया है कि इसका कारण उनके बचपन में छिपा हो सकता है जंहा माँ बाप ने या परिवार ने या उनके परिवेश ने उनको अभिव्यक्त नहीं होने दिया।

बुध बारहवें घर में(Mercury in Twelfth House) अगर कमजोर होकर बैठा हो तो ऐसे व्यक्ति बेकार की गपशप और चुगलखोरी में लगे हो सकते हैं। कुछ असामाजिक कार्यों में लिप्त हो सकते हैं। अधिक निराशा के चलते या मौज मस्ती के लिए नशे के शिकार हो सकते हैं। किसी गुप्त पाप कर्म में लिप्त हो सकते हैं। ऐसे लोगों को तंत्रिका तंत्र और श्वांस से संबंधित समस्या हो सकती है। सुनने की या एक आँख से कम देखने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा कभी कभी घबराहट, निराशावाद, दब्बूपन और अधीरता की प्रवृति आ सकती है। क्षय रोग, दमा और एनीमिया जैसे रोग समस्याएं बन सकते है। बुध ग्रह से शरीर की स्नायु तंत्र प्रक्रिया, अस्थमा, गूंगापन, मतिभ्रम, नाड़ी कंपन, चर्मरोग, दिमाग, फेंफडे, जीभ, बुद्धि, वाणी का विचार किया जाता है |

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार बुध एक तटस्थ ग्रह है जो जिस ग्रह की संगति में आता है उसके अनुसार जातक को फल देता है। बुध ग्रह के पॉजिटिव रिजल्ट्स तभी मिलते हैं जब कुंडली(Kundli) में दूसरे ग्रहों का साथ मिल रहा हो। बुध ग्रह के नेगेटिव रिजल्ट्स भी तभी मिलते हैं जब दूसरे ग्रहों का साथ नहीं मिल रहा हो। बुध(Mercury) ग्रह से सम्बंधित मानसिक क्रियाओं और कुछ उपायों से इसके बुरे प्रभावों को कम किया जा सकता है। शेष प्रभु इच्छा।

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