राहु चौथे घर में (Rahu in fourth house)

राहु चौथे घर में (Rahu in fourth house)

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में चौथे घर(Fourth House) का राहु(Rahu) व्यक्ति की बुद्धि को हरने वाला , दुख देने वाला और अल्पायु बनाता है | लेकिन उसके बहुत से मित्र हो सकते हैं । ऐसा व्यक्ति तटस्थ होने में दिक्कत महसूस कर सकता है| अगर बाकि ग्रहों की स्थिति ठीक न हो तो परिवार में अशांति रह सकती है| हालाँकि ऐसा व्यक्ति शांति की तलाश में भटकता रहता है| बहुत से विचारों के शोरगुल और मित्रों के साथ रहने वाला हो सकता है । आपको बता दूँ कुंडली में चौथा घर जनता का कारक होता है, इसलिए भीड़ में रहना ऐसे व्यक्ति की पसंद हो सकती है । कुंडली(Kundli) में चौथा घर माता का भी कारक होता है | कई बार देखा गया है की इस घर का राहु(Rahu) बचपन में ही माँ,बाप के प्यार से वंचित कर देता है| या उनके संबंधों में मिठास नहीं होती या सम्बन्ध बहुत ही खराब हो सकते हैं| व्यक्ति को अपने करियर पर ज्यादा ध्यान देते देखा गया है , घर गृहस्थी की चिंता कम करता है ।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में चौथे घर(Fourth House) से माता, घर, मित्र, सुगंधी , जेवर, सुख ,उच्च शिक्षा, सवारी, लक्ज़री, वाहन, पानी, नदी आदि का विचार किया जाता है| यंहा बैठे राहु(Rahu) का आपके लिए साफ़ सन्देश है कि आपको अपने ऊपर काम करने की सख्त जरुरत है| अपने आत्मिक विकास के लिए, आध्यात्मिक विकास के लिए भीड़ से अलग होकर एकांत में भी समय बिताएं | ध्यान और योग आदि की प्रैक्टिस करें , खुद को संवारें| आपके अंदर जो संदेह की प्रवृति है उसके कारण खोजें और अपने पूर्वाग्रहों का एनालिसिस करें । अपने निकट सम्बन्धियों का ध्यान रखें ताकि आपकी गृहस्थी ठीक से चल सके । आपके बचपन के अपरिपक्व अनुभवों के कारण आपमें हीनभावना हो सकती है| साथ ही साथ अस्थिरता और सहानुभूति खोजने की प्रवृति हो सकती है, और ये सब आपके पूर्वाग्रहों और नकारात्मकता का ही नतीजा है ।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में चौथे घर(Fourth House) से जनता का विचार किया जाता है| इसलिए राहु(Rahu) की आपसे अपेक्षा है कि इस जीवन में आप अपने विकास पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें| ये भी निश्चित है कि जैसे ही सकारात्मक सोच के साथ आप अपने अंदर बदलाव लाने कि कोशिश में जुटेंगे बाहरी जीवन में भी परिवर्तन होने लगेगा । कार्यक्षेत्र में आप बॉस कि भूमिका में हो सकते हैं क्योंकि आपमें नेतृत्व क्षमता है| लेकिन अधीन लोगों के साथ आपको अपने व्यवहार में बदलाव की जरुरत है| क्योंकि आपके अंदर असुरक्षा की भावना जब जोर पकड़ती है तब आप दूसरों की भावनाओं का ख्याल नहीं रखते । ऐसे व्यवहार के पीछे आपकी परवरिश और बचपन के अनुभव जिम्मेदार हो सकते हैं । इसलिए कुंडली(Kundli) में चौथे घर(Fourth House) में बैठे राहु(Rahu) का सन्देश है कि आप अपनी भावनाओं को दबाने की बजाय या उनसे पीछा छुड़ाने की बजाय उनका सामना करें| उनको अनदेखा न करें , यही आत्म विकास की प्रक्रिया भी है ।

जैसा मैंने पहले भी बताया कि वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में चौथे घर(Fourth House) से माता, घर, मित्र आदि का विचार किया जाता है| इसलिए यहाँ बैठे राहु(Rahu) वाले लोगों को अपनी माँ और पत्नी से संबंधों के मामले में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए | ऐसा करने से उसके सकारात्मक नतीजे भी देखने को मिलेंगे |हालाँकि ऐसे व्यक्ति अंदर से हमेशा एक अच्छे और खुशहाल परिवार की कामना करते हैं |लेकिन व्यवहार में बहुत सी नकारात्मकता | उसके अपने पूर्वाग्रह और परवरिश या बचपन के अनुभव उसको ऐसा करने से रोकते हैं| फिर इस तरह से पैदा हुई भावनाओं के बीच ऐसा व्यक्ति दुखी और झूठे सपनो में खो जाता है या सहानुभूति खोजने लगता है| जबकि उसके लिए इस जीवन में खुद का विकास ही एक मात्र मन्त्र है| जो उसको भौतिक विकास के चरम की और ले जा सकता है।

ऊपर बताये गए सभी गुण दोषों में से अगर व्यक्ति सच में व्यावहारिक हो| दूसरों की भावनाओं का ख्याल रखता हो | परिवार का ध्यान रखता हो तो, ऐसा व्यक्ति, कृषि, बागवानी, चिकित्सा , नर्सिंग, होटल , हॉस्पिटैलिटी आदि क्षेत्रों में सफलता हासिल करता है और उच्च पद प्राप्त करता है । सबसे ख़ास बात ऐसे व्यक्ति को अपने संबंधों और भावनाओं की तरफ विशेष ध्यान देने की जरुरत है और मन्त्र है आत्म विकास ।

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