राहु सातवें घर में (Rahu in seventh house)

राहु सातवें घर में (Rahu in seventh house)

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के सातवें घर(Seventh House) में राहु(Rahu) व्यक्ति को स्वतंत्र बनाता है | लेकिन विवाह के मामले में राहु(Rahu) के लिए ये अच्छा स्थान नहीं है| उसके साथ धोखा हो सकता है । प्रेम प्रसंगों या एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के चलते ऐसा व्यक्ति अपना धन गँवा सकता है|उसे सेक्स में कमतरी महसूस हो सकती है | हालाँकि व्यापार के लिए राहु की ये स्थिति अच्छी मानी जाती है । अगर कुंडली(Kundli) में शुक्र और चन्द्रमा की स्थिति अच्छी हो तो अच्छा जीवन साथी मिल सकता है । यंहा बैठा राहु(Rahu) अचानक धन दिला देता है एवं मुकदमेबाज़ी में भी सफल रहता है । यंहा बैठा राहु व्यक्ति को असंतुष्ट बना सकता है| इसलिए व्यक्ति बहुत सारी ऊर्जा अपने ऊपर ही लगा देता है और बाकी रिश्ते अलग थलग पड़ सकते हैं जिसमे बच्चे भी शामिल हैं|

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के सातवें घर(Seventh House) में राहु(Rahu) वाले लोग पलायनवादी हो सकते हैं । आपके लिए राहु(Rahu) का सन्देश है कि आपको अपने बड़ों खासकर दादा दादी की सेवा करनी चाहिए , हो सकता है उनकी विरासत आपको मिल जाये |आपको पलायनवाद छोड़कर जीवन की वास्तविकता से सामना करना सीखना होगा । आपको अपने कुछ शौक और आदतों का बलिदान करना होगा या छोड़ना होगा तो राहु आपके लिए निश्चित ही सफलता के द्वार खोल देंगे । ऐसा व्यक्ति विवाह के लिए उपयुक्त पार्टनर की तलाश में गुप्त रूप से लगा रहता है |इसी तरह के सपने भी देखता है और इसी चक्कर में कई समबन्ध भी बना सकता है । क्योंकि उसको लगता है कि उसका भाग्य पार्टनर के साथ जुड़ा हुआ है, और एक बार अच्छा जीवनसाथी मिल गया तो उसकी सारी समस्याएं हल हो जाएँगी ।

आपकी यही सोच आपको वास्तविकता से दूर ले जाती है या आप किसी भी घटना से पलायन कर जाते हैं |जबकि राहु(Rahu) की आपसे अपेक्षा है कि आप समस्याओं का सामना करें । ऐसे व्यक्ति अपनी छवि को लेकर बहुत कौन्सियस हो सकते हैं | अपनी छवि की चिंता करें लेकिन दूसरों का भी ध्यान रखें । सातवें घर(Seventh House) में बैठे राहु(Rahu) का आपके लिए स्पष्ट सन्देश है कि इस जीवन में आप दूसरों के लिए काम करेंगे तभी आपको फायदा मिलेगा ।आप अपने तरीके से जीने को स्वतंत्र हैं | आप खुद पर यानि व्यक्तिवाद पर भरोसा कर सकते हैं | इसलिए कई बार दूसरों को गलत समझने के कारण अच्छे साझीदार को खो सकते हैं । वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में सातवां घर व्यापार का भी घर होता है और व्यापार में ईमानदारी के साथ साथ पार्टनर पर भरोसा भी होना जरुरी है |

आप स्वतंत्रता चाहते हैं तो दूसरों को भी स्वतंत्रता देना सीखना होगा । सातवें घर(Seventh House) में बैठे राहु(Rahu) का आपके लिए स्पष्ट सन्देश है कि इस जीवन में आप दूसरों के लिए काम करेंगे तभी आपको फायदा मिलेगा । आपको अपने स्वार्थ से ऊपर उठना होगा और अपनी गलतियों को स्वीकार करना भी सीखना होगा । आप एक मजबूत , दृढ़निश्चयी और कॉंफिडेंट पर्सनालिटी के स्वामी हो सकते हैं | लेकिन दूसरों के साथ अपने विचार साझा करेंगे या लाभ-हानि के पक्षों को विस्तार से साझा करेंगे तो आपको और फायदा मिल सकता है| क्योंकि वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में सातवां घर पार्टनरशिप का भी है । पार्टनरशिप में समझौता और सहयोग दोनों ही जरुरी है|

कुंडली(Kundli) के सातवें घर(Seventh House) में बैठे राहु(Rahu) का आपके लिए स्पष्ट सन्देश है कि आप अपनी कुशल बुद्धि से धन कमा सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं ।आत्मनिर्भरता , आत्मविश्वास को जन्म देती है और यही आत्मविश्वास जब "मैं" बन जाता है तो ईगो का जन्म होता है| सभी रिश्ते इससे प्रभावित होते हैं इसलिए आपको अपनी ईगो को दूर रखना होगा| रिश्तों को संभालना होगा , नहीं तो आप हमेशा संशय , संदेह और निराशा के जाल में पड़े रहेंगे| अकेले पड़ जायेंगे और अपने अंदर एक असंतुष्टता का अनुभव करेंगे एक खालीपन महसूस करेंगे ।

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