राहु छठे घर में (Rahu in sixth house)

राहु छठे घर में (Rahu in sixth house)

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार राहु(Rahu) छठे घर(Sixth House) में हो तो व्यक्ति को मुकदमेबाजी और कानून के अलावा चिकित्सा ,शिक्षा,और ज्ञान के माध्यम से धन दिलाता है| कुंडली(Kundli) में छठे , सातवें या दसवें घर में बैठा राहु(Rahu) अक्सर एक वकील पैदा करता है । यंहा बैठा राहु(Rahu) व्यक्ति को धनवान बना देता है और दीर्घायु भी| लेकिन छठे में राहु(Rahu) गुदा रोग देता है और ऐसा व्यक्ति शत्रु द्वारा या क्रूर ग्रह(Grah) द्वारा पीड़ित हो सकता है । ये स्थिति स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी है । यंहा बैठा राहु इशारा करता है कि ऐसा व्यक्ति सिर्फ अपना ध्यान रखता होगा| यानी आत्मकेंद्रित होगा और लोगों से अलग थलग रहने की आदत का शिकार होगा ।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार छठा घर नौकरी का भी कारक है कुंडली(Kundli) के छठे घर(Sixth House) में बैठे राहु(Rahu) का आपके लिए सन्देश है कि इस जीवन में अगर सफलता पानी है तो लोगों कि सेवा करो और मिलजुलकर रहने कि आदत डाल लो । आपको एकांत से बाहर आना होगा | अगर नौकरी करते हैं तो उच्च पद मिलेगा लेकिन सहयोगियों से बनाकर चलना पड़ेगा। ऐसे व्यक्ति को विरासत में धन तथा कर्मचारियों से फायदा मिलता है ।आत्मकेंद्रित होते हुए भी ऐसे व्यक्ति कि भावनाएं प्रगाढ़ होती है |अपने अंदर दूसरों के हित की बात भी सोचता है लेकिन वास्तविक जीवन में उस पर अमल नहीं करता । ऐसे में राहु(Rahu) का आपके लिए स्पष्ट सन्देश है कि अपनी भावनाओं को अपनी करुणा को वास्तविक जीवन में लोगों की सेवा के रूप में धरातल पर उतारे | आपको अपार सफलता मिलेगी , नहीं तो अकेले पड़ जायेंगे ।

इसके अलावा आपको अपनी जिम्मेदारी के लिए सतर्क और संजीदा होना पड़ेगा| सपनो से बाहर निकलकर लोगों के लिए और सबसे मिलजुलकर धरातल पर काम करना पड़ेगा| जिस दिन आप सच में ऐसा करना शुरू करेंगे भौतिक जगत में भी आपके सपने साकार होने लगेंगे । वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में छठे घर(Sixth House) से सेवा, नौकरी और दुःख ,रोग आदि का विचार किया जाता है | इसलिए इस जीवन में अकेले होने के एहसास के पीछे पूर्व जन्मो का दर्द भय और चिंता हो सकती है| परिणाम में आपके व्यवहार में झल्लाहट और सकारात्मक सोच की कमी के रूप में दिखाई पड़ सकता है । राहु(Rahu) का आपके लिए सन्देश है कि आपको सकारात्मक सोच पैदा करनी होगी| ताकि भरोसा और विश्वास पैदा हो सके|

इसके अलावा अपने विचारों और भावनाओं के बीच एक संतुलन बनाना होगा |ताकि आपके काम करने के तरीके व्यवस्थित हो सकें । आपके अंदर बीमारी को दूर करने की एक नेचुरल ताकत है , आप गंभीर से गंभीर बीमारी को हराने में सक्षम हैं । आपकी सबसे बड़ी जरुरत है घटनाओं और अपने आसपास के वातावरण के प्रति जागरूक होना और कार्य को धरातल पर पूरा करना । वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में छठे घर(Sixth House) का राहु(Rahu) व्यक्ति को चिकित्सा क्षेत्र में अपार सफलता दिला सकता है| क्योंकि ऐसे व्यक्ति का मूल स्वभाव दूसरों की जांच करना और निदान बताना रहता है| लेकिन उसके लिए कुंडली(Kundli) में दूसरे ग्रहों की स्थिति और दृष्टि पर निर्भर करता है । कई बार देखा गया है कि यंहा बैठा राहु(Rahu) मनोवैज्ञानिक होने के लिए प्रेरित करता है |ऐसा व्यक्ति खुद के ऊपर तो प्रयोग करता ही है दूसरों पर भी अपने ज्ञान को थोपने की कोशिश करता है| उसकी मूल भावना यही रहती है कि उसके ज्ञान कि सभी तारीफ करें ।

रचनात्मक और कलात्मक रूचि होने के बावजूद आप किसी भी कार्य को बीच में छोड़ने की मानसिकता और सपनो में जीने की आदत के चलते सफलता के कई मौके चूक जाते हैं । यंहा राहु(Rahu) का आपके लिए साफ़ सन्देश है कि आपको किसी भी समस्या को दूर करने के लिए उसका सामना करना पड़ेगा , पलायन की आदत को छोड़ना पड़ेगा और ये सब बदलाव भौतिक जगत में ही नहीं आपको मानसिक स्तर पर भी करने होंगे ऐसा करने से निश्चित ही आपको सफलता मिलेगी । आपको तर्कसंगत सोच को विकसित करना होगा ।वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में छठे घर(Sixth House) से रोग का भी विचार किया जाता है , छठा घर बीमारी का भी घर होता है | बहुत सी बीमारियां शरीर के स्तर पर न होकर मानसिक स्तर पर होती हैं| हमारे विचार, भावनाएं और दृश्टिकोण हमारे भावनात्मक स्वास्थ्य का कारण बनते हैं |

इसलिए राहु(Rahu) का आपके लिए सन्देश है कि अपनी सकारात्मक सोच को आगे रखें और दूसरों की सेवा करें| ताकि खुद के साथ साथ दूसरे लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधारा जा सके । वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में छठे घर(Sixth House) का राहु(Rahu) चूँकि नौकरी का भी कारक है| यंहा बैठा राहु(Rahu) बुद्धि , ज्ञान और सूचना संचार के माध्यम से अपार सफलता दिला सकता है| हालाँकि ऐसा व्यक्ति पूर्व जन्मो में आदर्शवादी,सपनो में जीने वाला और स्पिरिचुअल रहा है| लेकिन यंहा राहु(Rahu) आपसे अपेक्षा करते हैं कि आप व्यावहारिक बने और अपने काम से दूसरों का भला करें । आप एक अच्छे शिक्षक, संपादक, लेखक या मोटिवेटर के रूप में लोगों की सेवा करके अपने इस जीवन को सार्थक बना सकते हो । आपका मूल मन्त्र है दूसरों की सेवा और व्यावहारिक जीवन ।

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