मेष राशि (Aries zodiac sign)

मेष राशि (Aries zodiac sign)

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के पहले घर में मेष(Aries) राशि(Rashi) हो या कुंडली में चन्द्रमा(Moon) मेष(Aries) राशि(Rashi) में हो तो ऐसा जातक मंगल ग्रह से प्रभावित होता है| क्योंकि मेष राशि का स्वामी ग्रह मंगल(Mars) होता है। मंगल ग्रह(Grah) जीवन में पराक्रम और उत्साह का कारक होता है। इसको स्थिर राशि(Rashi) की श्रेणी में डाला जाता है एवं इसका गुण अग्नि प्रधान होता है |

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार मेष(Aries) राशि(Rashi) के स्वभाव में क्रोध और आक्रामकता होती है | यदि किसी व्यक्ति की कुंडली(Kundli) के पहले खाने (घर) में नंबर 1 लिखा हो इसका मतलब आपका जन्म लग्न मेष है | मेष लग्न व्यक्ति को ऊर्जावान और ताकतवर बना देता है । ऐसे लोगों में गजब की नेतृत्व शक्ति पाई जाती है।मंगल(Mars) ग्रह से प्रभावित होने के कारण मेष लग्न आपको मजबूत और आकर्षक शरीर का बनाता है। आपके सुन्‍दर नाक नख्‍श व स्‍पष्‍ट ठोड़ी वाले होने की संभावनाएं होती है।

कुंडली(Kundli) के पहले घर में मेष(Aries) राशि(Rashi) हो या कुंडली में चन्द्रमा(Moon) मेष राशि में हो तो ऐसे लोग औसत ऊंचाई और घुंघराले बाल वाले और शारिरिक रूप से मजबूत होते हैं। आपकी शारीरिक बनावट से आपकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। साधारणतया आपके बाल भूरे होते हैं | ऐसे लोगों का सबसे खास गुण उनकी शक्ति और किसी कार्य की पहल करने को हमेशा तैयार रहना है। ऐसे जातक निर्भीक और जन्मजात नेतृत्व क्षमता रखते है।

मेष(Aries) लग्न के लोग मंगल(Mars) ग्रह से प्रभावित होने के कारण दूसरों के आदेश को पसंद नहीं करते। ऐसे लोग एक स्पष्ट वक्ता होने के साथ साथ अक्सर बड़बोलेपन के शिकार होते हैं.। कुछ अवधि के लिए आपमें अव्यवहारिकता का भाव भी आ सकता है। जिसके कारण आप आसानी से किसी भी बहस या झगडें के शिकार हो सकते है। उतावलापन और शारीरिक समर्पण के कारण दुर्घटना और शारीरिक चोटों की संभावना भी आपके साथ बनी रहती है |

कुंडली(Kundli) के पहले घर में मेष(Aries) राशि(Rashi) के लोग काफी जिद्दी होते है और आवेग में आ जाने के कारण कभी कभी आपको कुछ गंभीर परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है।अचानक क्रोधित होने के कारण लोगों को अवाक कर देते हैं ,लेकिन आपको आसानी से बहला फुसलाकर शांत किया जा सकता है। ऐसे जातक कला के बड़े प्रशंसक हो सकते है। आप तब तक आराम नहीं करते जब तक आप निश्चित लक्ष्य को पाने में सफल नहीं हो जाते है।

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार मेष लग्न के लोगों को सिरदर्द ,नसों का दर्द,और अवसाद ,अपच , स्नायु संबंधी और बवासीर की शिकायत आपके कष्ट का कारण बन सकती है | मेष(Aries) राशि(Rashi) की महिलाएं हर रिश्तों में हमेशा हावी रहती हैं। वहीं मेष राशि के पुरुष स्पष्टभाषी होते हैं और उन्हें अपने फैसलों पर पूरा विश्वास होता है। ये लोग अपनी प्रशंसा और पहचान से खुश होते हैं और उसके लिए निरंतर कोशिश करते हैं। इन लोगों को आसानी से नज़र अंदाज नहीं किया जा सकता है। आपके सिर या चेहरे पर पैदाइशी निशान हो सकते हैं।आपको उच्च रक्तचाप आदि रोगों के प्रति सावधान रहना चाहिए।

Post Tagged with ,

One Response so far.

  1. ramesh says:

    I want to show may kundli

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »