मकर राशि (Capricorn Zodiac Sign)

मकर राशि (Capricorn Zodiac Sign)

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के पहले घर में मकर(Capricorn) राशि(Rashi) हो या कुंडली में चन्द्रमा(Moon) मकर(Capricorn) राशि(Rashi) में हो तो ऐसा जातक शनि(Saturn) ग्रह से प्रभावित होता है |राशि(Rashi) चक्र में दसवीं राशि(Rashi) मकर(Capricorn) होती है | इस राशि(Rashi) का स्वामी शनि(Saturn) ग्रह है | मकर लगन के जातक सेल्फ सेण्टरेड और जिद्दी हो सकते हैं ऐसे जातक दूसरे लोगों की बातें नहीं सुनते और अक्सर धार्मिक होने का दिखावा करते हैं |

कुंडली(Kundli) में चन्द्रमा(Moon) मकर(Capricorn) राशि(Rashi) में होने और शनि(Saturn) ग्रह से प्रभावित होने के कारण ऐसे जातक आत्मस्वाभिमानी होने के साथ साथ जिम्मेदार और व्यावहारिक होते हैं |शनि(Shani) ग्रह के कारण ऐसे जातक काम के प्रति जुनूनी और अच्छी संगठन क्षमता रखते हैं | महत्वाकांक्षी और भौतिकतावादी होने के बावजूद दार्शनिकता का भाव हमेशा बना रहता है , इसीलिए इनमे तार्किक गन बेहद प्रबल होते हैं |

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार चन्द्रमा(Moon) मकर(Capricorn) राशि(Rashi) में होने और शनि(Saturn) ग्रह से प्रभावित होने के कारण ऐसे जातकों के व्यक्तित्व से परिपक्वता और मजबूती का आभास होता है। मकर लगन के जातक की याददास्त बहुत अच्छी होती है और वो एक अच्छे कहानीकार भी हो सकते हैं | क्योंकि इस राशि का स्वामी शनि(Shani) ग्रह(Grah) है इसलिए ऐसे जातक गहरी सोच रखने वाले , व्यवस्थित और व्यापार के मामले में बहुत सावधान रहते हैं |

शनि(Shani) ग्रह से प्रभावित ऐसे जातको को श्‍वांस और आंखो की बीमारी के अलावा उच्‍च रक्‍त चाप की परेशानी हो सकती है, आपको जोड़ो, चर्म रोग, और तंत्रिका जैसे रोग भी पीड़ित कर सकते हैं। संदेह करना और अपने स्वार्थ को आगे रखना एक नकारात्मक पह्रलू है लेकिन ऐसे जातक बहुत ही महत्वाकांक्षी और अपने जिम्मेदारिओं को समझने वाले होते हैं |

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