धनु राशि (Sagittarius Zodiac Sign)

धनु राशि (Sagittarius Zodiac Sign)

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) के पहले घर में धनु(Sagittarius) राशि(Rashi) हो या कुंडली में चन्द्रमा(Moon) धनु(Sagittarius) राशि(Rashi) में हो तो ऐसा जातक बृहस्पति(Jupiter) ग्रह से प्रभावित होता है |राशि(Rashi) चक्र में नौवीं राशि(Rashi) धनु(Sagittarius) होती है द्विस्वभाव की इस राशि(Rashi) का स्वामी बृहस्पति(Jupiter) ग्रह(Grah) है |

कुंडली(Kundli) में चन्द्रमा(Moon) धनु(Sagittarius) राशि(Rashi) में होने और बृहस्पति(Jupiter) ग्रह से प्रभावित होने के कारण ऐसे लोग हंसमुख स्वाभाव और आध्यात्मिक प्रवृति के होते हैं। आशावादी, महत्वाकांक्षी, उत्साही और खर्चीले होते हैं, प्रतिकूल परिस्थितियों में आप असंयमित हो सकते हैं और दूसरे लोग अनजाने में आपको गलत समझ लेते हैं क्योंकि आप बातचीत में जल्दबाजी करते हैं। धनु लग्न के जातक मजबूत कद काठी के होते हैं। वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार आपका व्यक्तित्व ऊर्जवान और लुभावना होता है। उदार और न्यायिक प्रवृति के ऐसे जातक ईमानदार और अध्यात्म की और झुकाव वाले होते हैं |

वैदिक ज्योतिष(Vedic Astrology) के अनुसार कुंडली(Kundli) में चन्द्रमा(Moon) धनु(Sagittarius) राशि(Rashi) में होने के कारण ऐसे लोग मजबूत इच्छाशक्ति वाले ऐसे जातक यात्राएं करना पसंद करते हैं और आसपास की जानकारी इकठा करने में रूचि लेते हैं| इसी जानकारी और अनुभव को दुसरे लोगों में बांटने का प्रयास भी करते हैं |

बृहस्पति(Jupiter) ग्रह से प्रभावित होने के कारण धनु लगन वाले जातक आज़ाद ख्यालों के साथ साथ बड़े दिल वाले होते हैं | धार्मिक और बुद्धिमान होने के बावजूद इनके मन और शरीर के बीच द्वन्द की स्थिति बनी रहती है | इनके लिए सबसे अच्छा प्रोफेशन अध्यापन, वकील या प्रीचर हो सकता है | धनु लगन के जातकों को पीठ , कूल्हों और जाँघों के रोग होने की सम्भावना बानी रहती है |


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